गाजियाबाद के शालीमार गार्डन थाना इलाके में तीन मई की रात करीब पौने 12 बजे टाटा स्टील (प्रवेश) कंपनी के नेशनल बिजनेस हेड विनय त्यागी की लूटपाट के बाद हत्या करने वाले आरोपी अक्की उर्फ दक्ष को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया।
दक्ष उर्फ अक्की का इरादा दिल्ली-एनसीआर में अपराध की दुनिया का डॉन बनने का था। इसके लिए उसना पूरा गिरोह खड़ा कर लिया था। उसके साथियों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह बेहद शातिर किस्म का अपराधी था। वह अपने ठिकाने बदलता रहता था। कभी दिल्ली में रहता था तो कभी बागपत में और कभी नोएडा में। किसी को अपना असली नाम नहीं बताता था।
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उसके साथियों ने बताया कि वह मोबाइल फोन रखता था लेकिन उसमें सिम कार्ड नहीं था। वह व्हाट्सएप कॉलिंग के माध्यम से ही बात करता था। बात करते ही लोकेशन बदल देता था। उसे मालूम था कि पुलिस लोकेशन का पता लगा लेती है। वह फोटो खिंचवाने से भी बचता था। गिरोह के किसी बदमाश के पास उसका फोटो नहीं है।
वह मैनपुरी का रहने वाला था लेकिन गिरोह में उसने खुद को अनाथ बता रखा था। गिरफ्तार बदमाशों ने पुलिस को बताया कि उसने अपने कई नाम रख रखे थे। अक्की, अनिल, अजय... जो भी मन में आता था, वही नाम बोल देता था लेकिन असली नाम नहीं बताता था।
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उसने गिरोह के बदमाशों को भी कई तरह के हथकंडे सिखा रहे थे। वारदात के बाद सभी अलग-अलग ठिकाने पर जाते थे और काफी समय पर एक-दूसरे से फोन पर संपर्क नहीं करते थे। डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष पाटिल ने बताया कि अक्की के माता-पिता पहले दिल्ली-एनसीआर में रहते थे।
अक्की का जन्म दिल्ली में ही हुआ था। अक्की की मां की एक रिश्तेदार किन्नर है। इसकी जानकारी अक्की के पिता को हुई तो वे यहां से मैनपुरी चले गए। लेकिन अक्की यहीं दिल्ली में रिश्तेदार के यहां रहता था, जो किन्नर है। यहीं रहकर गलत संगत में पड़ कर उसने नशे की लत लगाई और नशे की लत को पूरा करने के लिए गिरोह बनाकर लूटपाट करने लगा। अक्की के पास से मिला आधार कार्ड पर मैनपुरी के किशनी का पता मिला है।
नशे के लिए बना अपराधी
पूछताछ में गिरफ्तार बदमाश लवकुश ने पुलिस को बताया कि वह हाईस्कूल पास है। इसके बाद पिता के साथ लोअर पैंट बनाने का काम करने लगा लेकिन नशे की लत को पूरा करने के लिए पिछले कुछ साल से दक्ष के साथ मिलकर लूटपाट करने लगा था। पिछले साल दिल्ली में एक जगह दो पक्षों में चाकूबाजी हुई थी। इसमें उनका एक साथी मारा गया था जबकि वह खुद घायल हो गया था। पुलिस का कहना है कि सभी के आपराधिक इतिहास को खंगाला जा रहा है।
विनय त्यागी का हत्यारोपी मुठभेड़ में ढेर
आपको बता दें कि गाजियाबाद के शालीमार गार्डन थाना क्षेत्र में तीन मई की रात करीब पौने 12 बजे टाटा स्टील (प्रवेश) कंपनी के नेशनल बिजनेस हेड विनय त्यागी की लूटपाट के बाद हत्या करने वाले आरोपी अक्की उर्फ दक्ष (21) को पुलिस ने शुक्रवार सुबह करीब चार बजे मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस अक्की का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है। पुलिस का दावा है कि अक्की, लवकुश, युग घई और आमिर ने वारदात की थी। मूलरुप से मैनपुरी के किशनी निवासी अक्की ने विनय की छाती पर चाकू से दो बार प्रहार कर हत्या की थी।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त दिनेश कुमार पी. ने बताया कि शुक्रवार सुबह करीब साढ़े तीन बजे शालीमार गार्डन थाना क्षेत्र में पुलिस चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान राजनगर एक्सटेंशन की ओर से नागद्वार की ओर बाइक से दो बदमाश आए। पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो बदमाशों ने फायरिंग करना शुरू कर दिया। पुलिस की जवाबी फायरिंग में अक्की उर्फ दक्ष के सीने व पैर में गोली लगी, जबकि उसका साथी भाग निकला। अस्पताल में चिकित्सकों ने अक्की को मृत घोषित कर दिया। वहीं, बदमाशों की गोली लगने से उपनिरीक्षक मंगल सिंह घायल हो गए।
विनय त्यागी से लूटपाट में शामिल अक्की के दो अन्य साथी दिल्ली के सीलमपुर निवासी युग घई उर्फ प्रिंस (20) और दिल्ली के न्यू उस्मानपुर निवासी लवकुश उर्फ राघव सिंह (24) को गिरफ्तार कर लिया। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि फरार आमिर की तलाश की जा रही है। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद अक्की के पास से लूटा गया मोबाइल, चोरी की बाइक व तमंचा और लवकुश व युग घई के पास से लूटा गया लैपटॉप, बैग, चाकू, दो तमंचे और बाइक बरामद की हैं।
17 महीने में 100 मुठभेड़... तीन बदमाश ढेर
कमिश्नरेट बने हुए लगभग 17 महीने हुए हैं। इस दौरान पुलिस की बदमाशों के साथ 100 बार मुठभेड़ हुई है। इनमें 166 अपराधियों को गिरफ्तार किया है जबकि 107 अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल हुए हैं। 17 महीनों में हुई 100 मुठभेड़ों में पुलिस तीन बदमाशों को ढेर कर चुकी हैं। खास बात यह है कि मुठभेड़ में वे ही बदमाश मारे गए जिन्होंने किसी की जान ली थी। चोरी, लूट, दुष्कर्म और तस्करी करने वाले अपराधी मुठभेड़ में घायल हुए हैं। पुलिस आयुक्त अजय कुमार मिश्र ने कहा कि अपराध करने वालों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। अपराध रोकने के लिए पुलिस अलर्ट है।
ये हुए ढेर
23 मई 2023 में मुरादनगर में दुकान में घुसकर मोबाइल व्यापारी मुकेश गोयल की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। दो जून 2023 को पुलिस ने मुठभेड़ में मुख्य आरोपी मोनू को ढेर किया।
27 अक्तूबर 2023 को कॉलेज से ऑटो से हापुड़ जा रही छात्रा कीर्ति से बाइक सवार बदमाशों ने मोबाइल लूटा। जिससे वह सड़क पर गिर और उपचार के दौरान मौत हो गई थी। 30 अक्तूबर 2023 को मुठभेड़ में पुलिस ने बदमाश जितेंद्र उर्फ जीतू को मार गिराया।