माई सिटी रिपोर्टर गाजियाबाद। ग्रामीण क्षेत्र में लौटकर आने वाले प्रवासी मजदूरों पर नजर रखने और उनकी जानकारी देने के लिए हर ग्राम पंचायत में एक ग्राम निगरानी समिति बनाई गई है। जो प्रवासी मजदूरों की हर गतिविधि पर नजर रखेगी, जिससे आने वाले प्रवासी मजदूरों के स्वास्थ्य की जांच होने के साथ ही क्वारंटाइन किया जा सके। इसकी जिम्मेदारी ग्राम प्रधान की होगी। जिला पंचायत राज अधिकारी अनिल कुमार त्रिपाठी ने बताया कि कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। वहीं लॉकडाउन -4 लगने के साथ ही निर्माण कार्य और औद्योगिक इकाई शुरू करने की अनुमति भी मिल गई है। इन कार्यों के लिए मजदूरों की जरूरत पड़ेगी। अब जिले में प्रवासी मजदूर लौटने शुरू हो जाएंगे। इससे लोगों में कोरोनावायरस फैलने का खतरा बढ़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए शासन के आदेश पर हर ग्राम पंचायत में एक ग्राम निगरानी समिति बनाई गई है। जो गांवों में लौटकर आने वाले प्रवासी मजदूरों की हर गतिविधि की निगरानी करेगी। इस समिति में प्रधान, आंगनबाड़ी, आशा को शामिल किया गया है। जैसे ही कोई प्रवासी मजदूर गांव में आएगा समिति उसकी जानकारी पंचायती राज विभाग और स्वास्थ्य विभाग को देगी। उसकी बाद उसके स्वास्थ्य की जांच कराकर उसे 14 दिन क्वारंटाइन किया जाएगा। साथ ही राशन की आपूर्ति, फोन में सेतु एप डाउनलोड कराना आदि सभी जिम्मेदारी भी समिति की होगी। निगरानी समिति का नेतृत्व उस गांव का प्रधान करेगा। ---