फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghaziabad News: रिश्वत लेते सहकारी अधिकारी का वीडियो वायरल, प्राथमिकी दर्ज

विज्ञापन
आवास विकास परिषद के निलंबित सहकारी अधिकारी (आवास) सतीश कुमार। वायरल वीडियो फुटेज
विज्ञापन
इंदिरापुरम (गाजियाबाद) । आवास विकास परिषद के सहकारी अधिकारी पद पर तैनात सतीश कुमार की रिश्वत लेते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर 30 जून को तेजी से वायरल हुई। वीडियो का संज्ञान लेते हुए विभाग ने उन्हें निलंबित करते हुए सहायक आवास आयुक्त व सहायक निबंधक अभिषेक कुमार वर्मा की तहरीर पर पुलिस ने 30 जून की देर रात प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है। मामला वेब सिटी स्थित संचार नेस्ट समिति में हुए करीब 100 करोड़ रुपये के घोटाले से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि अमर उजाला वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता।
विज्ञापन


मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स, यूट्यूब और व्हाट्सएप पर 5ः32 मिनट का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। वीडियो आवास विकास परिषद के गाजियाबाद में तैनात सहकारी अधिकारी सतीश कुमार का बताया गया। दर्ज मामले में सहायक आवास आयुक्त अभिषेक कुमार वर्मा ने बताया कि 25 जून को एक समाचार चैनल पर वीडियो प्रसारित की गई थी। जब वीडियो अधिकारियों तक पहुंची तब 29 जून को मुख्यालय लखनऊ से प्राथमिकी दर्ज कराने की संस्तुति की गई। इसके बाद उन्होंने पुलिस को तहरीर दी। आरोप था कि सहकारी समितियों पर कार्रवाई कराने के एवज में सहकारी अधिकारी (आवास) सतीश कुमार ने रुपयों की मांग की और नोटों की गड्डी लेते हुए वीडियो में दिखाई भी दिए हैं। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि मामला दर्ज कर वायरल वीडियो की जांच कराई जा रही है। आरोपी को नोटिस भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।

पांच लाख खर्च करो बोर्ड भंग करा देंगे
जनवरी 2026 में वेब सिटी स्थित संचार नेस्ट समिति में करीब 100 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच सतीश कुमार कर रहे थे। बताया जा रहा है कि वायरल हुई वीडियो में भी आवास विकास परिषद के निलंबित अधिकारी सतीश कुमार ही बात कर रहे हैं। वीडियो में वह कहते हैं कि इसे तो मैंने ही सील कराया था। कई बार समिति अध्यक्ष से डॉक्यूमेंट मांगे लेकिन नहीं दिए तो हमने उठाकर सील कर दिया। जिस व्यक्ति से सतीश कुमार बातचीत करते वीडियो में दिख रहे हैं उससे कहते दिख रहे हैं कि आप पांच लाख रुपये खर्च करो बोर्ड भंग करा देंगे। नए चुनाव में आप आ जाओ। मल्टी स्टोरी की अनुमति मिल गई तो 200 फ्लैट तैयार।
विज्ञापन


जांच प्रभावित करने की साजिश, एडिट की है वीडियो : सतीश कुमार
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद जब मामले में तत्कालीन सहायक अधिकारी (आवास) सतीश कुमार से बातचीत की गई। उन्होंने बताया कि जिस व्यक्ति ने यह वीडियो वायरल करते हुए आरोप लगाया है उस पर जांच चल रही है। मामला करोड़ों के गबन का है। इसकी जांच विधान परिषद में भी चल रही है। प्रक्रिया को प्रभावित करने के इरादे से साजिशन एआई से वीडियो एडिट कर वीडियो वायरल की गई है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें