गाजियाबाद। साइबर सेल ने ऐसे 1100 बैंक खाते और 563 सिम कार्ड बंद कराए हैं। जिनके जरिये लगातार ठगी की जा रही थी। इन खातों में लगातार ठगी की रकम की ट्रांजेक्शन हो रही थी और एक ही मोबाइल नंबर कई ठगी में इस्तेमाल हुए हैं। इनमें से बैंक खाते देश के अलग-अलग राज्यों के लोगों की आईडी पर हैं, लेकिन अधिकांश खाते गुजरात के हैं। ऐसे ही सिम कार्ड पश्चिम बंगाल के लोगों की आईडी पर निकाले गए हैं जो बिहार, झारखंड समेत अन्य क्षेत्रों से संचालित हो रहे हैं। ये सैकड़ों लोगों के खातों में सेंध लगा चुके हैं।
एडीसीपी अपराध सच्चिदानंद ने बताया कि ठगी की शिकायत आने पर उनमें लगातार इस्तेमाल किए जा रहे मोबाइल नंबर व खातों को ट्रेस कर चिह्नित किया गया। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल व एमएचए (गृह मंत्रालय) की मदद से बंद कराया गया है। इनमें करीब तीन करोड़ रुपये फ्रीज कराए जा चुके हैं। करीब एक करोड़ रुपये लोगों को वापस करा दिए हैं।
लोगों को जागरूक करने पर विशेष जोर
एडीसीपी का कहना है कि साइबर सेल की टीम शातिरों को ट्रेस करने के साथ लोगों को जागरूक करने के लिए अलग से योजना बना रही है। इसमें लोगों को जागरूक करने से ही इस अपराध को रोका जा सकता है। इसके लिए अलग से टीम अपराध के तरीके व उसके बचाव के बिंदुओं को बना रही है।
वालिंटियर बनकर आप भी कर सकते हैं जागरूक
अगर आप भी साइबर क्राइम के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिए मुहिम से जुड़ना चाहते हैं तो वालिंटियर बनकर पुलिस की मदद कर सकते हैं। इसके लिए नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर जाकर वालिंटियर के ऑप्शन पर क्लिक करके जानकारी भरकर आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद पुलिस सत्यापन करके उस पर संस्तुति करेगी। अभी तक इसके लिए गाजियाबाद से 150 लोगों ने आवेदन किया है। पुलिस ने सत्यापन करके नेहरूनगर निवासी लविश पुत्र सुनील, राजनगर एक्सटेंशन निवासी मयंक पुत्र लालत प्रसाद और इंदिरापुरम निवासी कार्तिक पुत्र कौशल किशोर को चिह्नित किया है। इनको प्रशिक्षण दिया जाएगा।