गाजियाबाद। शहर में वाहनों में वीएलटीडी (वेहिकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस) और पैनिक बटन लगाने के लिए एक भी अधिकृत एजेंसी नहीं होने से वाहन स्वामियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस कारण फिटनेस, परमिट, प्रदूषण समेत अन्य कार्य पूरे नहीं हो पा रहे हैं, जिससे वाहन स्वामियों में नाराजगी है।
परिवहन विभाग के नियमों के तहत सभी व्यावसायिक वाहनों में वीएलटीडी और पैनिक बटन लगाना अनिवार्य है, लेकिन डेढ़ लाख से अधिक पुराने वाहनों में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके चलते फिटनेस, परमिट और प्रदूषण प्रमाणपत्र जैसी जरूरी प्रक्रियाएं अटक गई हैं।
टूरिस्ट बस टैक्सी ऑपरेटर यूनियन के अध्यक्ष संदीप त्यागी के अनुसार, अधिकृत वेंडर न होने के कारण वाहन स्वामी डिवाइस नहीं लगवा पा रहे हैं। इससे वाहनों का संचालन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि कई बार विभाग को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
वाहन स्वामियों का कहना है कि फिटनेस और परमिट न बनने से हजारों वाहन सड़कों पर नहीं उतर पा रहे हैं। इससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ट्रांसपोर्टर्स ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
एआरटीओ प्रशासन अशोक श्रीवास्तव ने बताया कि अधिकृत एजेंसी तय करने की प्रक्रिया चल रही है, ताकि जल्द ही वाहन स्वामियों को राहत मिल सके।