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वाराणसी बम कांड: कोर्ट में हुई वलीउल्लाह की पेशी

Sat, 20 Aug 2016 12:45 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
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अदालत का फैसला
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वाराणसी में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में शुक्रवार को जनपद न्यायाधीश की कोर्ट में सुनवाई हुई। अभियोजन की बहस के बाद कोर्ट ने सुनवाई के लिए अब 26 अगस्त की तारीख नियत की है।इससे पूर्व डासना जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद वलीउल्लाह को कोर्ट लाया गया। कोर्ट परिसर में भी सुरक्षा के कडे़ इंतजाम किए थे।
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7 मार्च 2006 को धमाकों से दहल उठा था वाराणसी
7 मार्च 2006 को वाराणसी एकाएक ही सिलसिलेवार बम धमाकों से गूंज उठा था। जीआरपी कैंट और संकट मोचन हनुमान मंदिर पर पांच-पांच मिनट के अंतराल पर धमाके हुए। जीआरपी कैंट में हुए बम धमाके में 11 और संकट मोचन मंदिर में हुए धमाके में 7 लोगों की मौत हुई थी।

लखनऊ के थाना गुसाई गंज पुलिस ने फूलपुर निवासी वलीउल्लाह को 5 अप्रैल 2004 को एक पिस्टल और आरडीएक्स के साथ गिरफ्तार किया था। पुलिस पूछताछ में ही वलीउल्लाह ने वाराणसी में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में खुद का हाथ होने की बात स्वीकार की थी।
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पुलिस ने पेश की थी तीन चार्जशीट
डीजीसी सुरेश यादव और एडीजीसी अनिल कुमार शर्मा के अनुसार इन तीनों मामलों में पुलिस ने अलग-अलग एफआाईआर दर्ज कर चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी। मामले की जांच गाजियाबाद कोर्ट में ट्रांसफर कर दी गई थी। तभी से इन तीनों मामलों की सुनवाई गाजियाबाद जनपद न्यायाधीश कोर्ट में चल रही है।

बचाव पक्ष के अधिवक्ता इलियास चौधरी ने बताया कि अभियोजन की ओर से जीआरपी कैंट धमाके में 53, संकट मोचन धमाके में 52 और दशासमेव घाट मामले में 42 गवाह पेश किए गए। जबकि बचाव पक्ष की ओर से तीन गवाहों ने कोर्ट में अपने बयान दर्ज कराए।

परिजनों ने दर्ज कराई थी वलीउल्लाह की गुमशुदगी
26 मार्च 2006 को वलीउल्लाह के पिता हबीब उल्लाह ने उसकी गुमशुदगी इलाहाबाद की कोतवाली फूलपुर में दर्ज कराई थी। पिता ने पुलिस को बताया था कि वलीउल्लाह को घर से ही दो लोग एलआईयू का अधिकारी बताकर पूछताछ के लिए इफ्को गेस्ट हाउस ले गए थे।


नरेंद्र चुग को मिली जमानत
 सीबीआई द्वारा कई माह पूर्व गिरफ्तार किए गए एक्सपोर्टर नरेंद्र चुग को जमानत मिल गई है। चुग को पहले से ही उच्च न्यायालय से जमानत मिल चुकी थी, मगर कुछ धाराओं में उनकी जमानत बाकी रह गई थीं। इसके लिए आरोपी के अधिवक्ता एवं पूर्व बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामअवतार गुप्ता ने जमानत अर्जी सीबीआई विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी की कोर्ट में दी थी। अर्जी पर सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने बाकी बची धाराओं में भी आरोपी को जमानत दे दी।
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