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Ghaziabad News: कॉलेजों में युवाओं को मुहैया कराता था मादक पदार्थ

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गाजियाबाद। गैंगस्टर संजय सूरी के खिलाफ वर्ष 1997 में पहली बार ड्रग्स एक्ट में नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था। सेंट्रल मार्किट में मेडिकल स्टोर चलाने वाले संजय सूरी ने कॉलेज में युवाओं को नशीले इंजेक्शन और अन्य मादक पदार्थ बेचकर अनैतिक रूप से संपत्ति अर्जित की। इसके लिए वह गिरोह बनाकर मादक पदार्थ की तस्करी करता था, जिसमें इसकी पत्नी ज्योति भी शामिल रहती थी।
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सिहानी गेट थाने में अधिवक्ता गजेंद्र पाल शर्मा निवासी पटेल नगर ने संजय सूरी उसकी पत्नी ज्योति और मुनीश सेठी के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया गया कि संजय सूरी ने उनसे 3.45 लाख रुपये उधार लिए थे, वापस न करने पर न्यायालय ने 4.69 लाख रुपये वापस करने के आदेश दिए थे लेकिन आरोपी ने वापस नहीं किए। इतना ही नहीं निर्माणाधीन मकान पर पहुंचकर संजय सूरी और मुनीश सेठी ने अधिवक्ता से खुद को जीडीए का अधिकारी बताकर दो लाख रुपये की मांग की थी। आरोप है कि गैंगस्टर ने फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर फर्जी मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास किया।
इसके बाद सिहानी गेट पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया था। इतना ही नहीं वसुंधरा निवासी सत्यपाल ने संजय सूरी और पायल सिसौदिया के खिलाफ कोरोना काल में आक्सीजन रेगूलेटर की ओवर रेटिंग का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया था। जनपद हापुड़ के पिलखुआ निवासी कारोबारी राहुल कुमार ने संजय सूरी पर शुगर चेक करने वाली स्ट्रिप की ओवर रेटिंग और विरोध करने पर जानलेवा हमले का मुकदमा नगर कोतवाली में दर्ज कराया था। राहुल पर कैंची से वार कर आरोपी ने लहूलुहान कर दिया था।
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