नगर निगम का चुनाव इस बार 2011 की जनगणना के आधार पर होगा। जनगणना के ताजा आंकड़ों में शहर की आबादी 9 लाख से बढ़कर 16.48 लाख हो चुकी है। ऐसे में निकाय चुनाव से पहले वार्डों का परिसीमन होगा। शहर में वार्डों की संख्या 80 से बढ़कर 110 हो जाएगी।
नई सरकार के गठन के बाद वार्डों के परिसीमन का काम शुरू होगा, ऐसे में नगर निगम ने अभी से इस पर होम वर्क शुरू कर दिया है।नगर निगम के गठन के वक्त 1995 में शहर में 60 वार्ड थे। वर्ष 2006 में नगर निगम चुनाव 2001 की जनगणना के आधार पर हुआ और परिसीमन में वार्डों की संख्या बढ़कर 80 हो गई।
वर्ष 2012 में नगर निगम चुनाव 2011 की जनगणना के आधार पर होने थे, लेकिन जनसंख्या के सरकारी आंकड़े जारी न हो पाने की वजह से पुराने परिसीमन पर ही चुनाव कराए गए। अब जनगणना के ताजा आंकड़े सरकारी स्तर पर जारी हो चुके हैं, ऐसे में इस बार निकाय चुनाव से पहले वार्डों का परिसीमन होना तय है।
परिसीमन का काम नगर निगम के जिम्मे होगा।महापौर अशु वर्मा का कहना है कि नई सरकार के गठन के बाद कभी भी वार्डों के परिसीमन कराने के आदेश आ सकते हैं। इसके लिए होम वर्क करना शुरू कर दिया है। अब हर जोन में आबादी के आंकड़े जुटाए जाने हैं। वार्डों की संख्या 110 तक बढ़ सकती है।
ऐसे तय होंगी वार्डों की संख्या
मानकों के मुताबिक 16 हजार की आबादी पर एक वार्ड बनाया जाता है। ऐसे क्षेत्र जहां नयी कालोनियां बस रही हैं और आबादी तेजी से बढ़ रही है वहां मानक से 10 फीसदी कम और जहां आबादी कम रफ्तार से बढ़ रही है या नहीं बढ़ रही है, वहां 10 फीसदी ज्यादा आबादी वार्ड में शामिल की जा सकती है।
ऐसे में इस बार वार्डों की सबसे ज्यादा संख्या वसुंधरा जोन, सिटी जोन में बढ़ने की उम्मीद है। वसुंधरा जोन के इंदिरापुरम, वैशाली में नई हाउसिंग सोसायटियां बन रही हैं, वहीं सिटी जोन के राजनगर एक्सटेंशन में नई सोसायटियां बनने से आबादी बढ़ रही है।
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2011 की जनगणना के आंकड़ों में गाजियाबाद शहर
वर्ग संख्या साक्षरता
कुल आबादी 1648643 84.78 फीसदी
महिला 774036 79.45 फीसदी
पुरुष 874607 89.54 फीसदी
0 से 6 साल के बच्चों की संख्या
कुल 208853
मेल 113827
फीमेल 95026