गीता कौशिक ने बताया कि नितिन मित्तल ने डेढ़ माह पहले व्हाट्सएप पर अशोभनीय टिप्पणी की थी। महिला आयोग की सदस्य के हस्तक्षेप के बाद नितिन मित्तल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई। मगर पार्टी ने आरोपी पर कोई कार्रवाई नहीं की। नाराज गीता कौशिक ने नितिन मित्तल को पार्टी से निष्कासित करने या सदस्यता समाप्त करने की मांग की। आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने आरोपी पर कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा किया। हंगामे के कारण संचालक को माइक छोड़ना पड़ा।
महिलाओं को गुस्से में देखकर विधायक मंजू शिवाच ने माइक संभाला और उन्हें शांत कराया। आक्रोशित महिलाएं मंच के सामने ही धरने पर बैठ गईं। उन्होंने नितिन मित्तल पर महीनेभर बाद भी कार्रवाई न होने पर अपनी भड़ास निकाली। महिलाओं ने सत्येंद्र सिसौदिया पर शिकायत करने आई महिलाओं को धमकाने का आरोप लगाया। इससे कार्यक्रम में हंगामा और बढ़ गया। कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। स्थिति इतनी बिगड़ी कि मारपीट की नौबत आ गई।
एक घंटे तक बनी रही हंगामे की स्थिति
पार्टी कार्यकर्ता दो गुटों में बंट गए। कार्यकर्ताओं का आक्रोश देखकर क्षेत्रीय अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष बिना वार्ता किए ही वहां से चले गए। लगभग एक घंटे तक हंगामे की स्थिति बनी रही। सत्येंद्र सिसौदिया ने धमकाने के आरोप को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि नितिन मित्तल को कार्यमुक्त किया गया है। गीता कौशिक ने कहा कि उन्हें इंसाफ नहीं मिला तो पहले अनशन करेंगी और फिर आत्मदाह।