हापुड़ जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर भाजपा के प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है। 2017 के चुनाव में जहां भाजपा की प्रचंड लहर के बीच भाजपा को दो सीटों पर ही संतोष करना पड़ा। वहीं, किसान आंदोलन और विपक्ष के दूसरे सभी मुद्दों को दरकिनार कर भाजपा ने पहली बार तीनों सीटों पर इतिहास रच दिया। यहां के लोगों पर योगी और मोदी का जादू ऐसा चला कि सपा-रालोद गठबंधन, बसपा और कांग्रेस का खाता तक नहीं खुल सका। हालांकि, इस बार पिछले विधानसभा चुनाव से जीत का अंतर कम रहा।
सुबह आठ बजे नवीन मंडी में मतगणना शुरू होने के बाद भाजपा ने एक बार बढ़त बनाई तो पीछे मुड़कर नहीं देखा। भाजपा ने हापुड़ सीट से विजयपाल आढ़ती और धौलाना सीट से धर्मेश तोमर पर दांव लगाया था। दोनों ही एक बार फिर संगठन के भरोसे पर खरे उतरे और दूसरी बार विधायक बनकर विधानसभा पहुंचे। सभी सीटों पर सपा-रालोद गठबंधन दूसरे नंबर पर रहा। सदर से विजयपाल आढ़ती ने गजराज सिंह, धौलाना सीट से धर्मेश तोमर ने असलम चौधरी और गढ़ सीट पर हरेंद्र सिंह ने रविंद्र सिंह को पटखनी दी।
हरेंद्र सिंह को मिली सबसे बड़ी जीत
मतगणना के दौरान सुबह से दोपहर से कम अंतर से आगे चल रहे हरेंद्र सिंह आखिर में तेजी से दौड़े। हरेंद्र सिंह को जिले में सबसे अधिक अंतर से जीत हासिल करने का श्रेय मिला। उन्होंने सपा के रविंद्र चौधरी को 26306 वोटों से हराया। हालांकि, यह पिछली बार की अपेक्षा कम रहा। पिछली बार यहां कमल मलिक ने 35194 वोटों से जीत हासिल की थी।
बसपा, कांग्रेस और आप समेत 26 प्रत्याशियों की जमानत जब्त
चुनाव हारने वाले दलों में सिर्फ गठबंधन के उम्मीदवार जमानत बचा पाए। बसपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई है। बसपा के उम्मीदवार तीनों सीटों पर तीसरे नंबर पर रहे। जबकि, कांग्रेस की तीनों ही सीटों पर फजीहत हुई। तीनों ही सीटों पर कांग्रेस पांच हजार से कम वोटों पर ही सिमट गई। जिले में कुल 26 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई है। कई प्रत्याशी ऐसे भी रहे जो दहाई का अंक भी पार नहीं कर पाए।
बागी उम्मीदवारों की नहीं गली दाल
सदर सीट पर कांग्रेस से टूटकर रालोद में शामिल हुए गजराज सिंह को एन मौके पर टिकट दे दिया गया। उम्मीद थी कि वह हापुड़ में एक बार फिर इतिहास रचकर रालोद को सीट जिताएंगे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। गढ़ सीट पर सपा से टिकट न मिलने पर नाराज मदन चौहान ने बसपा का दामन थामा, लेकिन जनता ने उन्हें नकार दिया। खुद का पारंपरिक वोट बैंक होते हुए भी उन्हें तीसरे स्थान पर रहकर संतोष करना पड़ा। इसके अलावा धौलाना विधानसभा क्षेत्र से इस बार बार के विधायक रहे असलम चौधरी ने सपा से नाता तोड़कर बसपा का दामन थामा, लेकिन उन्हें भी मायूसी मिली।
किसे कितने मत मिले
धौलाना विधानसभा सीट (58)
प्रत्याशी पार्टी मिले मत
धर्मेश तोमर भाजपा 124,394
असलम अली सपा 111,638
वासिद प्रधान बसपा 32,853
आरिफ जमीनदार पार्टी 3,502
अरविंद शर्मा कांग्रेस 2,263
चंद्र मोहन आप 673
कुलदीप निर्दलीय 597
प्रमोद निर्दलीय 551
कृति प्रताप सिंह निर्दलीय 414
त्रिवेदी शर्मा नागरिक चेतना पार्टी 185
ब्रजेश कोरी स्वतंत्र जनता पार्टी 166
आसमा निर्दलीय 146
नाजिम जन अधिकार पार्टी 109
हापुड़ विधानसभा सीट (59)
प्रत्याशी पार्टी मिले मत
विजय पाल आढ़ती भाजपा 97,310
गजराज सिंह रालोद 90,377
मनीष कुमार सिंह बसपा 50,523
भावना वाल्मीकि कांग्रेस 3,171
डॉ. बीपी नीलरत्न असपा 449
चंद्रपाल सिंह निर्दलीय 389
किरनपाल- बसपा 328
वीरपाल सिंह आप 256
कैलाश चंद निर्दलीय 224
संजीव गांधी निर्दलीय 223
कपिल कुमार निर्दलीय 143
धर्मेंद्र भारतीय जनता दल-- 118