गाजियाबाद। सड़कों पर रोजाना लगने वाले जाम और हादसों के लिए सिर्फ अनफिट व अवैध वाहनों के संचालकों की मनमानी ही जिम्मेदार नहीं है। अफसरों की बेपरवाही ने भी इस अव्यवस्था को बढ़ावा दिया है। हैरानी की बात है कि जिले में ऐसा निजी सेंटर वाहनों को फिटनेस सर्टिफिकेट जारी कर रहा है, जो खुद अनफिट है।
शासन स्तर से एक माह पहले साफ कर दिया गया था कि इस सेंटर पर 15 से अधिक प्रकार के वाहनों की फिटनेस जांच नहीं कराई जा सकती। बावजूद इसके यहां ऐसे वाहनों को फिट घोषित कर सर्टिफिकेट थमाए जा रहे हैं। अफसर कार्रवाई करने के बजाय पोर्टल में संसाधन होने का हवाला देकर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। बात हो रही है डासना स्थित साईं धाम सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के फिटनेस सेंटर की। इसे वाहनों की फिटनेस जांच का काम जनवरी 2021 में मिला था। सेंटर को चुनिंदा वाहनों की ही जांच का अधिकार है, लेकिन यहां सभी प्रकार के वाहनों की फिटनेस चेक कर वाहन स्वामियों से फीस वसूली जा रही है। इसकी शिकायत मिलने पर करीब छह महीने पहले संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) की तकनीकी टीम ने सेंटर की जांच की थी। इसमें स्पष्ट हुआ कि रोड रोलर, ट्रैक्टर, कृषि मशीनरी व डंपर जैसे 15 से अधिक प्रकार के वाहनों की फिटनेस जांच के लिए यहां न तो उपकरण हैं और न ही जरूरी ट्रैक। इसके तकनीकी जानकार भी सेंटर पर नहीं हैं। तकनीकी टीम की रिपोर्ट के आधार पर शासन ने करीब एक माह पहले ऐसे वाहनों की फिटनेस पर तत्काल रोक लगाने के निर्देश दिए थे। हालांकि, इसका असर धरातल पर नहीं दिखा। आज भी सेंटर पर ऐसे वाहनों की जांच जारी है।