एसीपी अकुंर विहार अजय कुमार ने बताया सेवाधाम महामाया कुंज विहार कॉलोनी में रहने वाले रवि ने 10 जुलाई को उनके बेटे देव के घर के बाहर खेते समय कहीं चले जाने की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर देव की तलाश शुरू की थी। टीम का गठन भी किया गया था। देव की तलाश के लिए टीम ने आसपास लगे करीब 60 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले थे। कैमरों में कुछ संदिग्ध नजर आए थे। पुलिस ने मुखबिर, सीसीटीवी कैमरों और सर्विलांस की मदद ली।
जांच में सामने आया कि देव की अपहरण के बाद हत्या की गई है। इस घटना में पड़ोस में रहने वाले धर्मेंद्र उर्फ राजू, राजू का बेटा रोहित और उसका साथी गुड्डू निवासी अशोक नगर दिल्ली के नाम सामने आए थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद तीनों ने पूछताछ में देव के अपहरण कर ईंट से पीटकर हत्या की बात बताई थी।
हत्या के बाद शव को दिल्ली के नरेला स्थित तलाब में फेंक दिया था। तीनों की निशानदेही से पुलिस ने देव के शव को इण्डस्ट्रियल एरिया दिल्ली के टीकरी गांव के डीडीए की जमीन (तालाब) में भरे पानी से बरामद किया। तीनों की निशानदेही से पुलिस ने ईंट और ऑटो बरामद किया। पुलिस ने परिजनों को शव दिखाया। परिजनों ने शव की कपड़ों से पहचान की।
15 हजार रुपये के लिए मासूम की जान ले ली
पूछताछ में धर्मेंद्र उर्फ राजू ने बताया कि उसके ऊपर काफी कर्जा हो गया था। वह ढाई लाख रुपये लोन लेने के प्रयास में था। तभी उसकी मुलाकात मृतक देव के ताऊ नरेश से हुई। नरेश ने उन्हें जल्दी लोन दिलान का झांसा दिया। इसके बदले में धर्मेंद्र ने नरेश को 15 हजार रुपये दिए थे। पैसे लेने के बाद भी धर्मेंद्र का लोन नहीं हुआ। इसी बात को लेकर धर्मेंद्र नरेश तथा उसके परिवार से नाराजगी रखने लगा। धर्मेंद्र ने पुलिस को बताया कि उसने अपने छोटे लड़के रोहित तथा साथी गुड्डू के साथ मिलकर देव की हत्या करने की साजिश रची। साजिश के तहत तीनों ने 10 जुलाई को देव को अपने ऑटो में बैठाया। शाम करीब 9 बजे वह देव को नरेला उत्तरी दिल्ली क्षेत्र में ले गए। रोहित ने देव के पैर और गुड्डू ने हाथ पकड़े धर्मेंद्र ने ईंट मारी थी। वहां उन्होंने देव का गला दबाकर और सिर पर ईंट से वार किया। जिससे देव की मौत हो गई। हत्या के बाद शव को छिपाने के लिए सफेद बोरी में देव के शव को डालकर तालाब में फेंक दिया था। घटना को अंजाम देकर आरोपी घर आ गए थे। घटना के दौरान राजेंद्र स्थित गैस पंप पर आरोपियों ने 1000 रुपये की सीएनजी भरवाई थी।