इंदिरापुरम। लंबे समय से कई बीमारियों से जूझ रही बुजुर्ग शबनम टंडन ने सोमवार को कनावनी स्थित विजय अपार्टमेंट में फंदा लगाकर जान दे दी। मौत से पहले उन्होंने एक सुसाइड नोट भी लिखा। इसमें बच्चों के साथ जीवन को लेकर संतोष जताया, लेकिन लगातार बीमारी से परेशान होने की बात कही। उन्होंने लिखा कि अब वह इन बीमारियों के साथ और सर्वाइव नहीं कर सकती हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की जांच की जा रही है।
मूलरूप से बिहार के गया की रहने वाली शबनम टंडन (65) थीं। वर्ष 2014 में पति की मौत के बाद वह कनावनी के विजय अपार्टमेंट में अपनी बड़ी बेटी किमसी और दामाद सौरभ खन्ना के साथ रह रही थीं। उनकी दो बेटियां उनके साथ थीं, जबकि एक बेटी प्रीति अमेरिका में रहती हैं। उनके आने के बाद ही बुधवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा।
एसीपी सूर्यबली मौर्य ने बताया कि शबनम फंदा लगाकर सुसाइड किया है और मौके से सुसाइड नोट भी मिला है। सुसाइड नोट और परिजन के बयानों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। शुरुआती जानकारी में बीमारी से परेशान होकर आत्महत्या किए जाने की बात सामने आई है। वह लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रही थीं। परिवार ने उनका साथ देने की कोशिश की, लेकिन बीमारी से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठा लिया।
सुसाइड नोट: बच्चों से नहीं कोई शिवका, बीमारी ने तोड़ दिया
शबनम ने सुसाइड नोट में लिखा कि वह अपने बच्चों से खुश हैं, लेकिन लंबे समय से चल रही बीमारियों को अब और नहीं झेल सकतीं।