हड़ताल के चलते बंद अल्ट्रासाउंड सेंटर
- फोटो : अमर उजाला
अल्ट्र्रासाउंड सेंटर संचालकों की हड़ताल का पहले दिन मिला-जुला असर दिखा। कुछ सुपरस्पेशियलिटी अस्पतालों और छोटे अल्ट्रासाउंड सेंटर जहां खुले रहे वहीं, कई सेंटर बंद रहे। इससे मरीजों को अधिक परेशानी नहीं हुई।
उधर, इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन गाजियाबाद और आईएमए गाजियाबाद के चिकित्सकों ने बैठक कर डीएम को ज्ञापन सौंपा। इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन गाजियाबाद के अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने बताया कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के नाम पर प्राइवेट डाक्टर्स का शोषण हो रहा है।
गलत धाराओं के माध्यम से प्रशासन द्वारा चिकित्सकों पर अत्याचार किया जा रहा है। फार्म ‘एफ’ भरने में जरा सी गलती पर भी यह माना जाता है कि लिंग परीक्षण हुआ है और चिकित्सकों को सजा हो जाती है।
इसको लेकर पिछले डेढ़ साल से इसके विरोध में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, फोगस्सी सहित कई अन्य एसोसिएशन ने मंत्रालय के अधिकारियों से बैठक भी की लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला। इससे मजबूर होकर अल्ट्रासाउंड की सभी सेवाएं बंद करने के निर्णय लिया गया है।
आईएमएम गाजियाबाद के अध्यक्ष सुभाष अग्रवाल ने बताया कि आईएमए भी इस हड़ताल का समर्थन कर रहा है। इसको लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बातचीत चल रही है। देर रात तक कोई फैसला आने की उम्मीद है।
कोई फैसला अगर नहीं हुआ तो यह हड़ताल अनिश्चितकालीन चलेगी। बैठक में और ज्ञापन सौंपने वालों में डॉ. सौरभ अग्रवाल, डा. सतवीर सिंह और डॉ. मुक्ता सिंह सहित पचास चिकित्सक शामिल रहे।