घर में हर कोई इस बात को याद कर बिलख रहा है कि जिस यात्रा का परिवार लंबे समय से इंतजार कर रहा था, वही यात्रा सबसे बड़ा दुख बन गई। परिजन और सराफा व्यापारी अजय वर्मा ने बताया कि अमरदीप पिछले करीब छह महीने से माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जाने की बात कर रहा था। व्यस्तता के कारण हर बार कार्यक्रम टल जाता था। इस बार जब सभी की सहमति बनी तो शुक्रवार रात पूरा परिवार दो कारों से दर्शन के लिए रवाना हुआ।
किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि यह सफर उसकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगा। अंबाला हाईवे पर कार पंक्चर होने के बाद अमरदीप अपने दोस्त विक्की जाटव के साथ पहिया बदलवा रहा था। तभी तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में अमरदीप और विक्की की मौत हो गई, जबकि दस वर्षीय आरव गंभीर रूप से घायल हो गया। घर में अब यात्रा की तैयारियों की जगह मातम पसरा है। जिन हाथों में माता के प्रसाद और चुनरी चढ़ाने का उत्साह था, उन्हीं हाथों ने अब बेटे की अर्थी को कंधा देने की तैयारी की।
हर आने-जाने वाले की जुबां पर एक ही बात है-माता ने बुलावा तो दिया लेकिन अपने दरबार तक पहुंचने से पहले ही उसे अपने चरणों में बुला लिया। पड़ोसियों का कहना है कि अमरदीप मिलनसार और धार्मिक स्वभाव का युवक था। उसकी असमय मौत ने पूरे मोहल्ले को गहरे सदमे में डाल दिया है। जीतपुर कॉलोनी में हर घर में शोक का माहौल है और लोग परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, जीतपुर कॉलोनी निवासी राजपाल वर्मा अपनी पत्नी राधा, पुत्र अमरदीप वर्मा (25), मोनू वर्मा और पुत्री मोनिका के साथ रहते हैं। सक्को वाली गली में उनकी शिव ज्वैलर्स के नाम से सराफा की दुकान है। दुकान में राजपाल और अमरदीप बैठते थे। परिवार ने रिश्तेदारों और शीतलपुरी कॉलोनी निवासी 24 वर्षीय विक्की जाटव के साथ माता वैष्णो देवी के दर्शन का कार्यक्रम बनाया था।
मोनू वर्मा ने बताया कि शुक्रवार रात सभी लोग दो कारों में मुरादनगर से रवाना हुए। एक कार में राजपाल वर्मा, उनकी पत्नी राधा, बेटी मोनिका, पुत्र मोनू और पुत्रवधू मोनिका सवार थे। दूसरी कार में अमरदीप, उनका 10 वर्षीय भतीजा आरव, दोस्त विक्की और गाजियाबाद निवासी बुआ का बेटा हरदीप सवार थे।
देर रात पंक्चर हुई थी कार
मोनू वर्मा ने बताया कि वह दूसरी कार में अमरदीप व अन्य लोगों से करीब 25 किमी आगे थे। रात करीब ढाई बजे उन्हें मोबाइल फोन पर हादसे की जानकारी मिली। इसके बाद वह तुरंत लौटे। घटनास्थल पर पता चला कि अमरदीप की कार अंबाला हाईवे पर खन्ना कस्बे के पास पहुंची तो टायर पंक्चर हो गया। अमरदीप ने कार को सड़क किनारे सुरक्षित खड़ा कर दिया। विक्की कार का पहिया बदलने लगे, जबकि अमरदीप और 10 वर्षीय आरव पास ही खड़े थे। इसी बीच तेज रफ्तार ट्रक ने कार में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों लोग कई फीट दूर जा गिरे। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने अमरदीप और विक्की को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल आरव को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
खुशियों भरी यात्रा पलभर में मातम में बदली
परिवार माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए उत्साह के साथ घर से निकला था, लेकिन पलभर में दो परिवारों के लिए यात्रा की खुशी मातम में बदल गई। हादसे की खबर जैसे ही मुरादनगर पहुंची, जीतपुर कॉलोनी और शीतलपुरी कॉलोनी में शोक की लहर दौड़ गई। सक्को वाली गली स्थित सराफा बाजार के व्यापारियों ने शोक में अपनी दुकानें बंद रखीं। दोनों परिवारों के घरों पर लोगों की भीड़ जुटी रही और रिश्तेदार व परिचित परिवार को ढांढस बंधाते रहे।
गहरी दोस्ती... और साथ ही थम गई जिंदगी
शीतलपुरी कॉलोनी निवासी विक्की इलेक्ट्रिशियन थे। अमरदीप से उनकी गहरी मित्रता थी। दोनों ही अविवाहित थे। परिजनों के अनुसार, शुरुआत में विक्की ने काम का हवाला देकर यात्रा पर जाने से मना कर दिया था, लेकिन शुक्रवार शाम अचानक उनका कार्यक्रम बदल गया और वह अमरदीप के साथ जाने के लिए तैयार हो गए। परिवार के लोगों का कहना है कि किसी को अंदाजा नहीं था कि यह यात्रा उनकी जिंदगी का आखिरी सफर साबित होगी। परिजनों की जुबां पर बस यही शब्द हैं, शायद मौत उन्हें अपने साथ खींचकर ले गई।