इंदिरापुरम। अहिंसाखंड-एक की शिप्रा कृष्णा विस्टा सोसायटी के ए-ब्लॉक में बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे एक साल के बच्चे के साथ दो महिलाएं 20 मिनट तक लिफ्ट में फंसी रहीं। आरोप है कि लिफ्ट में चढ़ने के बाद लिफ्ट भूतल से नौवे तल के बीच बिना रुके लगातार चलती रही। इससे दोनों घबरा गईं। उन्होंने कई बार मदद के लिए आवाज दी लेकिन, किसी ने सुना नहीं।
लिफ्ट में फंसी घरेलू सहायिका ने फोन से फ्लैट मालकिन को सूचना दी। बाद में उन्होंने मेंटेनेंस टीम और गार्ड की मदद से तीनों को बाहर निकलवाया। उन्होंने पुलिस को शिकायत देने की बात कही है।
सोसायटी निवासी उर्वशी ने बताया कि उनकी मां अनुप्रिया (60) सुबह करीब 10:30 बजे एक साल बेटे दियान माधव को बाहर घुमाने जा रही थीं। वह दूसरी मंजिल से भूतल पर जाने के लिए लिफ्ट के अंदर गई थीं जबकि, घरेलू सहायिका सुमन इसी लिफ्ट से नौवे तल के फ्लैट में जा रही थीं। उनका आरोप है कि लिफ्ट नौवे तल पर पहुंची लेकिन, वह बिना रुके अचानक से तेज गति में नीचे आने लगी। तीन से चार बार ऐसा होने पर दोनों बुरी तरह घबरा गईं। सुमन और अनुप्रिया ने शोर मचाकर मदद की गुहार लगाई लेकिन, किसी गार्ड या स्थानीय निवासी ने उनकी आवाज नहीं सुनी। दोनों करीब 20 मिनट तक लिफ्ट में फंसी रहीं। सुमन ने बताया कि उन्होंने तुरंत फ्लैट मालकिन को फोन कर मदद मांगी। उन्होंने उनसे कहा कि लिफ्ट में बुजुर्ग महिला और उनकी गोद में एक छोटा बच्चा भी है। मालकिन ने तुरंत मेंटेनेंस रूम में कॉल की। उनकी सूचना पर गार्डों ने लिफ्ट रोकने का काम शुरू किया । इस बीच बुजुर्ग की लिफ्ट में तबीयत खराब होने लगी। उन्हें धीरे-धीरे चक्कर आ रहे थे। तभी मेंटेनेंस टीम और गार्डों ने लिफ्ट रोक कर तीनों को बाहर निकाला।
-27 और 29 जून को लिफ्ट गिरने से घायल हुए थे लोग-
स्थानीय लोगों का कहना है कि सोसायटी की लिफ्ट में आए दिन खराबी होती रहती है। इसमें महिलाएं और बच्चे के फंसने से बड़े हादसे का खतरा है। सोसायटी के लोग लिफ्ट का प्रयोग करने से डरने लगे हैं। बताया कि 27 और 29 जून को भी दो बार लिफ्ट गिरने से करीब दस लोग घायल हो गए थे। घायलों का डॉक्टर से उपचार कराया गया था। सूचना पर इंदिरापुरम पुलिस ने पहुंचकर गुस्साए लोगों को शांत करा शिकायत पर जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
आरडब्लूए अध्यक्ष बलविंदर का कहना है कि सोसायटी में लिफ्ट फंसी नहीं थी। लिफ्ट की पुली टूटने से थोड़ी समय के लिए वह बंद हो गई थी। मेंटेनेंस टीम और गार्डों को जानकारी मिलते ही तीनों को बाहर निकाल लिया गया। इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। सोसायटी में सभी की सुरक्षा का ख्याल रखा जाता है।