गाजियाबाद के मुरादनगर के रावली रोड पर काकड़ा गांव के पास शनिवार रात तेज रफ्तार कार की टक्कर से बाइक सवार एक महिला और व्यक्ति की मौत हो गई। हादसे के बाद अनियंत्रित होकर कार पलट गई। इस मार्ग पर एक महीने में पांच सड़क हादसे में छह लोगों की मौत हो चुकी है।
सुराना गांव निवासी आशा कार्यकर्ता कृष्णा देवी ने गांव के कुतुबुद्दीन की पुत्रवधु को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया था। कुतुबुद्दीन की पुत्रवधु ने बेटे को जन्म दिया। शनिवार रात कुतुबुद्दीन बाइक से आशा कार्यकर्ता कृष्णा देवी को सुराना गांव छोड़ने जा रहे थे। रावली रोड पर काकड़ा गांव के पास पहुंचे तो सामने से आ रही तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी।
हादसे के बाद कार अनियंत्रित होकर एक ऑटो को टक्कर मारते हुए सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। बताया जा रहा है कि टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार दोनों लोग काफी ऊंचा उछल कर दूर जा गिरे। मौके पर राहगीरों की भीड़ एकत्र हो गई। हादसे की सूचना पुलिस को दी गई। गंभीर हालत में कृष्णा देवी और कुतुबुद्दीन को मोदीनगर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। एसीपी ने बताया कि कार चालक की तलाश की जा रही है।
सड़क दुर्घटना में जा रही निर्दोष लोगों की जान
परशुराम सेवा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष प. विनोद कुमार मिश्रा का कहना है कि मुरादनगर से रावली सुराना बागपत मार्ग पर आए दिन हो रही सड़क दुर्घटना में निर्दोष लोगों की जान जा रही है। शनिवार को भी लगातार हुई दो सड़क दुर्घटनाओं में तीन की जान चली गई। बताया कि मुरादनगर से रावली सुराना मार्ग बागपत से होते हुए सोनीपत हरियाणा को जाता है। इस मार्ग पर काफी संख्या में गांव पड़ते हैं। इस मार्ग पर ट्रैफिक अधिक है। इस पर किसी प्रकार के रात्रि में कोई संकेतक नहीं हैं, और न ही कोई स्पीड ब्रेकर है जिससे आए दिन वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि रावली सुराना बागपत मार्ग को बड़ा कर चार लेन का किया जाए। ग्रामीण रास्तों पर संकेतक हों। यदि समय रहते सरकार द्वारा इस मार्ग पर ध्यान नहीं दिया गया तो आए दिन ऐसी दुर्घटना होती रहेंगी और निर्दोष लोगों की जानें जाती रहेंगी।