गाजियाबाद। अगर आपके पास गैस कनेक्शन काटने संबंधी फोन आए तो सावधान हो जाएं। गैस कनेक्शन काटने का भय दिखाकर साइबर ठगों ने दो लोगों से 37.14 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने पीड़ितों को बिल अपडेट कराने के नाम पर व्हाट्सएप के जरिये एपीके फाइल भेजी। फाइल डाउनलोड करते ही दोनों पीड़ितों के मोबाइल फोन हैक हो गए और बैंक खातों से लाखों रुपये निकाल लिए गए। दोनों मामलों में साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
एडीसीपी अपराध पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि मुरादनगर निवासी कामना जैन के अनुसार सात जून को उनके पास आईजीएल गैस कनेक्शन काटे जाने का संदेश आया। उसमें समस्या के समाधान के लिए राहुल अग्रवाल नामक व्यक्ति से संपर्क करने के लिए मोबाइल फोन नंबर दिया गया था।
कामना ने इसकी जानकारी अपनी मां नूतन जैन को दी। अगले दिन नूतन जैन ने उक्त नंबर पर बात की तो खुद को आईजीएल का प्रतिनिधि बताने वाले व्यक्ति ने कहा कि गैस बिल अपडेट नहीं होने के कारण कनेक्शन काट दिया जाएगा। आठ जून को आरोपी ने व्हाट्सएप पर आईजीएल गैस बिल अपडेट नाम से एपीके फाइल भेजी। फाइल अपडेट नहीं होने पर 10 जून को कामना जैन ने आरोपी से बात की। आरोपी ने दोबारा लिंक भेजा और उसे खोलने के बाद बैंक संबंधी जानकारी भरने को कहा।
इसके बाद 11 और 12 जून के बीच उनके माता-पिता के बैंक ऑफ इंडिया और पंजाब नेशनल बैंक के संयुक्त खातों से डेबिट कार्ड के माध्यम से 16 बार में 18,45,360 रुपये निकाल लिए गए। बाद में ठगों ने व्हाट्सएप कॉल और दूसरे नंबर से संदेश भी भेजे, लेकिन परिवार ने उन्हें नहीं खोला।
दूसरी घटना में कौशांबी स्थित गोवर्धन टावर निवासी सेवानिवृत्त कर्मी अशोक कुमार महेश्वरी को साइबर ठगों ने कॉल कर खुद को आईजीएल का प्रतिनिधि बताया। ठगों ने बिल अपडेट न होने पर गैस कनेक्शन काटने की चेतावनी दी और उनके मोबाइल फोन पर एपीके फाइल भेज दी। फाइल खोलते ही मोबाइल फोन हैक हो गया। इसके बाद तीन और चार जुलाई को उनके बैंक खातों से 18,69,480 रुपये अन्य खातों में ट्रांसफर कर लिए गए।
एडीसीपी ने बताया कि दोनों मामलों में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। ठगी गई रकम को फ्रीज कराने का प्रयास किया जा रहा है। जिन बैंक खातों में रकम भेजी गई है, उनकी जानकारी भी जुटाई जा रही है।
ऐसे बनाते हैं शिकार
साइबर अपराधी बिजली बिल, गैस कनेक्शन, ट्रैफिक चालान या केवाईसी अपडेट न होने का डर दिखाकर लोगों को झांसे में लेते हैं। इसके बाद व्हाट्सएप, टेलीग्राम या एसएमएस के जरिये एपीके फाइल भेजते हैं, जिसे इंस्टॉल करते ही मोबाइल फोन का नियंत्रण ठगों के हाथ में पहुंच जाता है। इसके बाद वे ओटीपी समेत अन्य जानकारी हासिल कर बैंक खातों से रकम निकाल लेते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
-अनजान नंबर से भेजी गई किसी भी एपीके फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।
-कोई भी एप केवल गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें।
-व्हाट्सएप में ऑटो मीडिया डाउनलोड का विकल्प बंद रखें।
-गलती से एपीके फाइल डाउनलोड हो जाए तो तुरंत मोबाइल डेटा और वाई-फाई बंद कर फोन को एयरप्लेन मोड पर करें।
-संदिग्ध एप अनइंस्टॉल करें और तत्काल बैंक से संपर्क कर खाते व यूपीआई को ब्लॉक या फ्रीज कराएं।