संवाद न्यूज एजेंसी
गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश पुलिस 2019 भर्ती परीक्षा में दो मुन्नाभाई शामिल हुए थे। तमाम सुरक्षा इंतजाम के बावजूद उस समय दोनों पकड़ में नहीं आ सके। लेकिन, उंगलियों के निशान ने इस जालसाजी से पर्दा उठा दिया। दरअसल, लिखित और शारीरिक दक्षता परीक्षा से पहले लिए गए उंगलियों के निशान आपस में नहीं मिले। इस पर पुलिस ने केस दर्ज करा दिया है। अब फर्जी अभ्यर्थियों की तलाश की जा रही है।
दोनों मुन्नाभाई ने राजनगर एक्सटेंशन स्थित बाल जगत सीनियर सेकंडरी स्कूल में सिपाही भर्ती परीक्षा दी थी। परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों के चेहरे और पहचान पत्र पर लगे फोटो का मिलान किया गया था। उंगलियों के निशान भी लिए गए थे। बाद में पता चला कि हरियाणा के सोनीपत के गोहाना गांव के निवासी नीरज कुमार पुत्र जयभगवान और सोनीपत के ही रभरा गांव के जगदीप पुत्र अंतराम की जगह कोई और परीक्षा दे गया।
इसका खुलासा तब हुआ जब दोनों को शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए लखनऊ पुलिस लाइन बुलाया गया। वहां दोनों की उंगलियों के निशान लिए गए थे। लिखित परीक्षा से पहले लिए गए निशान से इनका मिलान नहीं हो सका। संदेह होने पर दोनों की रिपोर्ट बनाकर पुलिस भर्ती बोर्ड के पास भेज दी गई।
बोर्ड ने दोनों को तलब किया। इस पर जगदीप कई बार बुलाने पर भी नहीं आया जबकि नीरज अप्रैल 2023 में पहुंचा। एक बार फिर उसकी उंगलियों के निशान लिए गए। शारीरिक दक्षता परीक्षा से पहले लिए गए फिंगर प्रिंट से इनका मिलान नहीं हुआ। उसके फोटो का परीक्षा फार्म पर लगाए गए फोटो से मिलान नहीं हुआ।
सीसीटीवी फुटेज देखेगी पुलिस
बोर्ड ने जांच के आधार पर मान लिया कि जगदीप और दीपक लिखित परीक्षा में शामिल नहीं हुए। उनकी जगह किसी और को परीक्षा में बिठाया गया। इस पर लखनऊ के हुसैनगंज थाने में केस दर्ज कराया गया। इसकी जांच गाजियाबाद के नंदग्राम थाना को भेजी गई है। एसीपी पूनम मिश्रा ने बताया कि परीक्षा केंद्र पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पुलिस देख रही है। इससे उन मुन्नाभाई के चेहरे मिल सकते हैं जो जगदीप और नीरज की जगह परीक्षा दे गए।