कौशांबी। थाना क्षेत्र में पलवल और सोहना गुरुग्राम के दो छात्रों को एमबीबीएस में दाखिला दिलाने के बहाने तीन ठगों ने 22 लाख 36 हजार रुपये की धोखाधड़ी कर ली। आरोपियों ने वैशाली सेक्टर-4 के एक मॉल में अपना ऑफिस बताकर छात्रों के अभिभावकों से अलग-अलग बार में रकम वसूल की। आरोप है कि एक शातिर ने खुद को रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज बांदा में खुद को प्रोफेसर बताकर जाल में फंसाया। कौशांबी पुलिस ने तीन लोगों पर नामजद धोखाधड़ी का मुकदमा किया है।
पलवल के पृथला में रहने वाले अनिल कुमार ने शिकायत दी कि अगस्त 2023 में अरुण राजपूत नाम के युवक ने की कॉल की थी जिसमें उसने उनके बेटे का मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने का आश्वासन दिया। फिर वैशाली के एक मॉल में खुद का ऑफिस बताकर कुछ दिन बाद उन्हें वहां बुला लिया। इस बीच उनसे दो बार में 40 हजार रुपये ट्रांसफर कराए। 29 अगस्त को अरुण ने करण सिंह नाम के व्यक्ति को बांदा स्थित रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज का प्रोफेसर बताकर फोन नंबर दिया। आरोप है कि करण सिंह ने पांच लाख का डीडी लेकर फार्म भरवाकर पूरे कागजात ले लिए। इसके बाद अनिल ने उन्हें कॉल की और 1.96 लाख रुपये, फिर उनके कहने पर नितिन कुशवाहा नाम के व्यक्ति के खाते में दो लाख रुपये, वैशाली में खुद के बैंक खाते में तीन लाख रुपये जमा करा लिए। आरोप है कि अनिल और करण ने उनसे कई बार में 12 लाख 36 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए।
वहीं, गुरुग्राम के सोहना रोड निवासी रविंद्र शर्मा का आरोप है कि 17 जून 2023 को अरुण राजपूत ने कॉल करके उनके बेटे का दाखिला एमबीबीएस में दिलाने की बात कही। इसकी एवज में उनसे अरुण राजपूत, करण सिंह और नितिन कुशवाहा ने एडमिशन फीस, एडवांस और अन्य बनाने से कई बार में ऑनलाइन व बैंक खातों में 10 लाख रुपये जमा करा लिए। जब दोनों लोगों को धोखाधड़ी का पता चला तो उन्होंने तीनों से अपने रुपये मांगे। इस पर आरोपियों ने गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी।
एसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में दाखिले के नाम पर धोखाधड़ी का मुकदमा हुआ है। नामजद आरोपियों पर जांच हो रही है। जल्द ही जांच रिपोर्ट आने पर आरोपियों पर कार्रवाई हाेगी।