मोहल्ला रामनगर निवासी शाहरुख के मकान का निर्माण होना था। मकान के निर्माण की प्रक्रिया शुरू होने वाली थी। उनके परिवार के सदस्य कुछ सामान मोहल्ले के ही दूसरे मकान में ले जा रहे थे। बताया जाता है कि शाहरुख के परिवार के लोग ट्रैक्टर ट्रॉली में सामान लादकर दूसरे मकान में शिफ्ट कर रहे थे। मोहल्ले के निकट ही एक प्लॉटिंग के ऊपर 33000 केवी की लाइन गुजर रही थी। इस बीच 33000 की लाइन के नीचे ट्रैक्टर ट्रॉली गुजर रही थी। ट्रैक्टर ट्रॉली में सेफ रखी थी तथा 33000 की विद्युत लाइन काफी नीचे थी, किसी तरह सेफ में करंट उतर आया और ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार तारीक एवं ताबिश और बिलाल व जोया करंट की चपेट में आ गए। जिससे वह बुरी तरह झुलस गए।
चारों को गुलावठी के निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां से उन्हें हापुड़ के लिए रेफर कर दिया। हापुड़ के एक अस्पताल में तारीक व ताबिश ने दम तोड़ दिया। बिलाल एवं जोया की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। घटना की सूचना पर कोतवाली प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से शव का पोस्टमार्टम कराने की मांग थी लेकिन परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। पुलिस शवों का पोस्टमार्टम कराने के लिए प्रयास कर रही है।