साहिबाबाद। टीएचए में 26 दिन बाद पानी की परेशानी खत्म हुई। बृहस्पतिवार को हर घर में गंगाजल पहुंचा। बुधवार रात प्रताप विहार प्लांट में भी गंगाजल पहुंच गया। बृहस्पतिवार को यहां से वसुंधरा, वैशाली व नोएडा के बचे हुए क्षेत्र में भी गंगाजल की आपूर्ति हुई।
प्लांट की सफाई के लिए हर साल दशहरा के मौके पर हरिद्वार से ही गंगाजल रोक दिया जाता है। इस दौरान किसानों को भी पानी की जरूरत नहीं होती, ऐसे में करीब 20 से 25 दिन तक गंगाजल की आपूर्ति नहीं होती। 12 अक्तूबर को प्लांट बंद कर दिया था। इसके बाद से लाखों लोगों को जीडीए और नगर निगम अपने-अपने ट्यूबवेल से एक ही समय पानी की आपूर्ति कर रहे थे। इसमें कई बार लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा था और लोग बाजार के बोतल बंद पानी पर निर्भर थे। गंगाजल प्लांट मैनेजर ब्रह्मानंद ने बताया कि 1 नवंबर को हरिद्वार से गंगाजल छोड़ा गया। 48 घंटे बाद नहर तक पानी पहुंचा था। इसके बाद हिंडन नदि में भी पूजा के लिए गंगाजल दिया गया। ऐसे में पानी का स्तर कम होने की वजह से प्लांट तक पानी नहीं पहुंचा था। सोमवार तक केवल सिद्धार्थ विहार प्लांट तक ही पानी पहुंचा था। इससे नोएडा एवं इंदिरापुरम के लोगों को मंगलवार 5 नवंबर से गंगाजल मिलना शुरू हो गया था। बृहस्पतिवार से प्रताप विहार प्लांट से भी गंगाजल की आपूर्ति शुरू हो गई और लोगों को सुबह-शाम पानी मिला।
-किस प्लांट से कितना और कहां दिया जाता है गंगाजल-
सिद्धार्थ विहार गंगाजल प्लांट
-100 क्यूसेक पानी की आपूर्ति इस प्लांट से होती है
-80 क्यूसेक गंगाजल यहां से नोएडा को आपूर्ति होता है
-15 क्यूसेक पानी मिलता है इंदिरापुरम के लोगों को
-5 क्यूसेक पानी सिद्धार्थ विहार योजना में होता है आपूर्ति
प्रताप विहार गंगाजल प्लांट
-50 क्यूसेक पानी जाता है इस प्लांट से
-23 क्यूसेक मांग है वसुंधरा (निगम) जोन की
-7 क्यूसेक पानी इंदिरापुरम जोन को दिया जाता है
-20 क्यूसेक पानी नोएडा को आपूर्ति होता है।