गाजियाबाद। नोटबंदी के बाद पुरानी करेंसी को बैंकों में जमा कराने की समयसीमा शुक्रवार को खत्म हो गई। नोटबंदी के 52वें दिन अधिकांश बैंकों के कैश काउंटर खाली नजर आए। विभिन्न बैंकों की मुख्य शाखाओं में भी दिनभर पुरानी करेंसी जमा कराने वालों की संख्या काफी कम रही।
पीएनबी नवयुग मार्केट की मुख्य शाखा में सबसे ज्यादा 95 लोगों ने करीब 10 लाख रुपये जमा किए। वहीं, नवयुग मार्केट एसबीआई मुख्य शाखा में 48 लोगों ने पांच लाख, नेहरूनगर यूनियन बैंक की शाखा में 30 लोगों ने 1.5 लाख, नवयुग मार्केट इलाहाबाद बैंक की शाखा में 25 लोगों ने एक लाख और पटेल नगर स्थित सिंडिकेट बैंक की शाखा में 20 लोगों ने केवल 42 हजार रुपये जमा किए।
कैनरा बैंक , बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक, आंध्रा बैंक सहित विभिन्न राष्ट्रीयकृत बैंकों के काउंटरों में गिने-चुने लोग ही पहुंचे। लीड बैंक मैनेजर आरएस मीणा ने बताया कि पुरानी करेंसी जमा करने के आखिरी दिन बैंकों में काफी कम भीड़ रही।
एटीएम ने दी राहत, अब सैलरी बढ़ाएगी मुसीबत
नोटबंदी के 51 दिन बाद एटीएम में कैश की उपलब्धता से लोगों को राहत मिलने लगी है। शुक्रवार को महानगर के अधिकांश एटीएम में कैश होने से लोगों की परेशानी नहीं झेलनी पड़ी। बैंकों में पांच-छह लोगों की छोटी लाइनें ही लगी दिखाई दी।
आरडीसी में एक्सिस, इंडसइंड बैंक, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा सहित विभिन्न एटीएम में कैश होने से लोगों को राहत मिली। अंबेडकर रोड, मालीवाड़ा, नवयुग मार्केट, गांधीनगर, शास्त्रीनगर के कई एटीएम में कैश होने से लोग खुश नजर आए। कुछ दिनों की राहत के बाद दो जनवरी से सेलरी-डे शुरू होने से फिर से कैश की किल्लत झेलनी पड़ सकती है।
मोदी सरकार का अगला रुख रहा चर्चा का विषय
नोटबंदी के बाद मोदी सरकार का अगला रुख लोगों की चर्चा का विषय रहा। शनिवार को मोदी की मन की बात में नए एलान को लेकर लोग आशंकित नजर आए। लोगों की जुबां पर बेनामी संपत्ति बिल सहित अन्य विकल्प रहे। वहीं, मोदी सरकार की ओर से लोगों को दी जाने वाली संभावित राहत भी लोगों की चर्चा का केंद्र रही।