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Ghaziabad News: ट्रेनों से आरक्षण हुआ रिग्रेट, अब त्योहार पर कैसे जाएंगे घर

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पूर्वांचल की ओर जाने वाली आधे से अधिक ट्रेनों में नहीं है सीट
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तत्काल के लिए भी लोगों को उठानी पड़ रही भारी परेशानी



माई सिटी रिपोर्टर



गाजियाबाद। त्योहारी सीजन शुरू होते ही ट्रेनों में सीट पाने की जद्दोजहद अपने चरम पर पहुंच गई है। दिवाली और छठ पर्व पर घर जाने वाले पूर्वांचल और बिहार के यात्रियों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। आलम यह है कि पूर्वांचल की दिशा में जाने वाली आधे से अधिक नियमित ट्रेनों में लंबी प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) खत्म होकर आरक्षण रिग्रेट (सीट बुकिंग बंद) हो चुका है। ऐसे में लाखों यात्रियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि वे इस बार त्योहार पर अपने घर कैसे पहुंचेंगे।



दिल्ली, गाजियाबाद जैसे औद्योगिक केंद्रों से गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, पटना, मुजफ्फरपुर और दरभंगा जाने वाली प्रमुख ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं बची है। स्लीपर से लेकर थर्ड एसी और सेकंड एसी तक, सभी श्रेणियों में आरक्षण खिड़कियां लगभग बंद हो चुकी हैं। वैशाली एक्सप्रेस, बिहार संपर्क क्रांति, श्रमजीवी एक्सप्रेस, पूर्वा एक्सप्रेस और सप्तक्रांति जैसी नियमित ट्रेनों में यात्रा की तारीखों से हफ्तों पहले ही स्थिति नो रूम हो चुकी है।
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तत्काल टिकट के लिए रातभर रतजगा, फिर भी मायूसी : नियमित आरक्षण में हाथ खाली रहने के बाद यात्रियों के पास एकमात्र सहारा तत्काल कोटे का बचता है, लेकिन वहां भी हालात बदतर हैं। यात्री सुबह से ही रेलवे आरक्षण केंद्रों पर लाइन लगाकर खड़े हो रहे हैं, तो वहीं ऑनलाइन बुकिंग करने वालों को आईआरसीटीसी की वेबसाइट और एप पर लॉगिन करने के चंद सेकंडों के भीतर ही टिकट वेटिंग या नॉट अवेलेबल दिखाई दे रहा है। सर्वर स्लो होने और पेमेंट गेटवे पर अटकने के कारण सामान्य यात्रियों के हाथ केवल मायूसी लग रही है।



त्योहार स्पेशल ट्रेनों के फेरे बढ़ाने की मांग : सीटों की भारी किल्लत को देखते हुए यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से प्रमुख रूटों पर तत्काल अतिरिक्त पूजा/त्योहार स्पेशल ट्रेनें चलाने और मौजूदा ट्रेनों में अतिरिक्त डिब्बे जोड़ने की गुहार लगाई है।
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यात्री राहुल प्रधान, गौरव शर्मा और आशीष कुमार का कहना है कि यदि रेलवे ने जल्द ही पर्याप्त संख्या में स्पेशल गाड़ियां पटरी पर नहीं उतारीं, तो निजी बसों के मनमाने किराए और खचाखच भरी जनरल बोगियों में जान जोखिम में डालकर सफर करने के अलावा उनके पास कोई विकल्प नहीं बचेगा।



रूट/ गंतव्य-ट्रेन नंबर व नाम-दिवाली से 5 दिन पहले (घर जाने की स्थिति) दिवाली से 5 दिन बाद (वापसी की स्थिति)



प्रयागराज-12418 प्रयागराज एक्सप्रेस -रिग्रेट-नो रूम (स्लीपर व 3एसी में बुकिंग बंद) वेटिंग 180+ (स्लीपर), 3AC में आरएसी/वेटिंग


प्रयागराज 12560 शिव गंगा एक्सप्रेसरिग्रेट (सभी प्रमुख श्रेणियों में)नो रूम (स्लीपर), 3AC वेटिंग 120+



वाराणसी 12582 बनारस सुपरफास्ट रिग्रेट (स्लीपर व 3एसी दोनों में बुकिंग बंद) वेटिंग 160+ (स्लीपर)



वाराणसी 22436 वंदे भारत एक्सप्रेस रिग्रेट / नॉट अवेलेबल (चेयर कार व एग्जीक्यूटिव) वेटिंग 60+ (सीसी)



गोरखपुर 12554 वैशाली एक्सप्रेस रिग्रेट (स्लीपर, 3AC सब फुल)रिग्रेट / नो रूम



गोरखपुर 12558 सप्त क्रांति एक्सप्रेस रिग्रेट (वेटिंग सीमा समाप्त)वेटिंग 210+ (स्लीपर)



गोरखपुर 12566 बिहार संपर्क क्रांतिरिग्रेटरिग्रेट


बिहार (पटना) 12394 संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस रिग्रेट / नो रूम (सभी श्रेणियों में)रिग्रेट (स्लीपर), 3AC वेटिंग 190+



बिहार (पटना) 12392 श्रमजीवी एक्सप्रेस रिग्रेट


बिहार (दरभंगा) 12562 स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस रिग्रेट (लंबी प्रतीक्षा सूची के बाद बंद) नो रूम



बिहार (भागलपुर) 12368 विक्रमशिला एक्सप्रेस रिग्रेट वेटिंग 175+
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