दिल्ली-मेरठ रोड मंगलवार सुबह आठ बजे से वन-वे कर दी गई है। एक रूट कांवड़ियों के नाम और दूसरा हल्के वाहनों के लिए है। वन-वे के तहत मेरठ से गाजियाबाद की तरफ आने वाले रोड पर कांवड़िए चल रहे हैं जबकि गाजियाबाद से मेरठ जाने वाले रोड पर हल्के वाहन (कार-बाइक) चल रहे हैं।
इस रूट पर भारी वाहन पहले ही बंद किए जा चुके हैं। ट्रैफिक पुलिस की प्लानिंग बृहस्पतिवार से वन-वे करने की थी, लेकिन कावंड़ियों की तादाद बढ़ने और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पहले ही वन-वे करना पड़ गया। ट्रैफिक पुलिस के रूट डायवर्जन प्लान के तहत 28 जुलाई से दोनों रूट कांवड़ियों के नाम हो जाएंगे।
हालांकि ट्रैफिक पुलिस प्लानिंग कर रही है कि वन-वे पूरी कांवड़ यात्रा केदौरान चलता रहे, ताकि लोगों को दिक्कत न हो। दूसरी तरफ, दिल्ली-मेरठ रोड पर भारी वाहन प्रतिबंधित होने और हल्के वाहनों के लिए एक ही रूट होने से अब एनएच-24 पर वाहनों का दबाव बढ़ेगा।
अलग-थलग पड़ गई तीन लाख आबादी
कांवड़ यात्रा के चलते दिल्ली-मेरठ रोड के सारे कट बंद कर दिए गए हैं। इससे करीब तीन लाख आबादी शहर से कट गई है। नंदग्राम, सेवानगर, घूकना, दीनदयालपुरी, हिंडन विहार, सिहानी, मोरटी, गढ़ी और भट्टा नंबर-5 आदि कालोनियों के लोगों के शहर आने के रास्ते बंद हो गए हैं।
शहर की तरफ आने के लिए उन्हें कई किलोमीटर का चक्कर लगाकर एएलटी और मेरठ रोड तिराहे पर जाना पड़ रहा है। इसके अलावा राजनगर एक्सटेंशन रोड से हिंडन पुल की तरफ जाकर वन-वे रोड से घर जाना पड़ रहा है।
ट्रैफिक पुलिस ट्विटर-एफबी पर अलर्ट
ट्रैफिक पुलिस फेसबुक-ट्विटर पर अलर्ट पोस्ट कर रही है। कहां जाम लगा है। दिल्ली-मेरठ रोड पर कांवड़ियों की वजह से रूट बदले गए हैं, उसका भी ब्योरा डाला गया है।
हेलीकाप्टर से भी होगी निगरानी
कांवड़ यात्रा की निगरानी इस बार हेलीकाप्टर से भी होगी। दरअसल, मेरठ जोन को मिले हेलीकाप्टर का जरूरत पड़ने पर गाजियाबाद पुलिस भी इस्तेमाल करेगी। कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा के लिए जिले को चार जोन, आठ सेक्टर और 14 सब-सेक्टरों में बांटा गया है।
जोन की निगरानी सीओ स्तर के अधिकारी, सेक्टरों की निगरानी एसएचओ-एसओ और सब-सेक्टरों की जिम्मेदारी चौकी इंचार्जों और दरोगाओं की होगी। सुरक्षा में 1700 पुलिसकर्मी लगाए गए हैं, जिनमें 1050 शहरी क्षेत्र में, 650 देहात क्षेत्र में रहेंगे। बता दें कि पिछले साल भी कांवड़ यात्रा की निगरानी हेलीकाप्टर से की गई थी।
कलक्ट्रेट में बनाया गया कंट्रोल रूम
कांवड़ यात्रा के दौरान सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए कलक्ट्रेट में कंट्रोल रूम बनाया गया है। डीएम के स्वागत कक्ष में इसकी व्यवस्था की गई है। एडीएम सिटी प्रीति जायसवाल ने बताया कि कंट्रोल रूम के माध्यम से जनपद की तमाम सूचनाएं प्रशासन को समय से मिलती रहेंगी
कंट्रोल रूम का प्रभारी परियोजना निदेशक शशिकांत त्रिपाठी को नियुक्त किया गया है। कांवड़ यात्रा के दौरान इस कंट्रोल रूम में 24 घंटे अधिकारियों की ड्यूटी निर्धारित की गई है। एडीएम ने बताया कि इस कंट्रोल रूम का फोन नंबर 0120-2829040 है। 24 घंटे इस कंट्रोल रूम पर सूचना दी जा सकती है। इसके अलावा परियोजना निदेशक के मोबाइल नंबर 9457889177 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
डीएम साहिबा! दूसरे दिन भी खुले रहे स्कूल
कांवड़ यात्रा के चलते मेरठ रोड स्थित स्कूल-कॉलेज दूसरे दिन भी खुले रहे जबकि डीएम ने एक अगस्त तक मेरठ रोड पर पड़ने वाले स्कूलों और कॉलेजों को बंद करने के आदेश दे रखे हैं। हालांकि दोपहर बाद आदेश की प्रति मिलने पर स्कूल-कॉलेजों द्वारा एक अगस्त तक छुट्टी की घोषणा की गई।
मंगलवार को मोदीनगर इंटर कॉलेज में अध्यापकों ने जिलाधिकारी के आदेश का हवाला देकर छुट्टी के लिए कहा मगर प्रधानाचार्य सतीश चंद अग्रवाल का कहना था कि उनको इस बाबत जिला विद्यालय निरीक्षक का कोई लिखित अथवा मौखिक आदेश नहीं मिला है।
इस पर अध्यापकों और प्रधानाचार्य के बीच मामूली नोंकझोंक भी हुई। दोपहर बाद जिला विद्यालय निरीक्षक का सभी विद्यालयों को आदेश मिलने के बाद ही स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी की घोषणा की गई।
विधायक ने किया कैंप का उदघाटन
विधायक सुदेश शर्मा ने मंगलवार को तेल मिल गेट पर कांवड़ियों के सेवार्थ लगाए गए शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर अनिल सैन, बलदेव सिंह, नवीन गर्ग, प्रवीन मित्तल और प्रदीप अग्रवाल आदि मौजूद रहे।
आयुध निर्माणी कांवड़ चिकित्सा शिविर शुरू
आयुध निर्माणी फैक्ट्री ने मंगलवार को कांवड़ियों की सेवा के लिए चिकित्सा शिविर शुरू किया है। निर्माणी महाप्रबंधक पीआर मंडल ने चिकित्सा शिविर का उद्घाटन किया। कांवड़ियों की सेवा के लिए शिविर में चिकित्सक, दवाईयां और चौबीस घंटे एंबूलेंस मौजूद रहेगी। अपर महाप्रबंधक एससी माथुर, ऐके डेनियल, वाईएम दीक्षित, वीके चौधरी, पंकज श्रीवास्तव, विरेंद्र चौधरी, अशोक पाल, शशिभूषण आदि मौजूद रहे।