गाजियाबाद। दो हजार रुपये से अधिक के मर्चेंट यूपीआई भुगतान पर 0.4 फीसदी एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) लगाने के प्रस्ताव का व्यापारियों में विरोध बढ़ता जा रहा है। संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल ने फैसले को वापस लेने की मांग की है।
गांधी जयंती पर आयोजित बैठक में जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने रणनीति बनाई। जिलाध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने कहा कि यह फैसला व्यापारी और आम जनता दोनों के हित में नहीं है। इससे सबसे ज्यादा छोटे दुकानदार प्रभावित होंगे। ग्राहक अतिरिक्त शुल्क देने से बचेगा या सौदा छोड़कर चला जाएगा, इससे रोज विवाद होगा और व्यापारी के मुनाफे पर सीधा असर पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि फैसला वापस नहीं हुआ तो संगठन धरना-प्रदर्शन करेगा।
राष्ट्रीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष बालकिशन गुप्ता ने कहा कि एमडीआर से लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। यदि शुल्क नहीं हटाया गया तो उनका संगठन भी विरोध में उतरेगा।
वहीं, संपूर्ण उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री तिलकराज अरोड़ा ने कहा कि उनका संगठन शुरू से ही इस फैसले के विरोध में है। सरकार ने जल्द फैसला वापस नहीं लिया तो प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा।