संविदाकर्मियों की हड़ताल के साथ-साथ फार्मासिस्ट और पैथोलॉजिस्ट की हड़ताल मंगलवार को मरीजों पर भारी पड़ेगी। फार्मासिस्ट ने अपनी हड़ताल में इमरजेंसी और पोस्टमार्टम ड्यूटी का भी बहिष्कार करने का एलान किया है। मंगलवार को अस्पतालों में न तो दवाएं बंटेंगी और न ही कोई जांच हो सकेगी।
नेशनल हेल्थ मिशन (संविदा) कर्मचारी संघ की हड़ताल के साथ-साथ मंगलवार से अब फार्मासिस्ट और लैब टेक्निशियन भी पूर्ण हड़ताल पर जा रहे हैं। यूपी लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन और डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के सदस्य 16 सितंबर से सिर्फ दो घंटे की हड़ताल कर अपना विरोध जता रहे थे,
लेकिन अब सभी फार्मासिस्ट और पैथोलॉजिस्ट ने 20 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने एलान किया है। वेतन विसंगतियों को लेकर उनका विरोध चल रहा है। फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष आलोक त्यागी और यूपी लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष एके तोमर ने बताया कि 20 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जाएगी।
वहीं फार्मासिस्ट एसोसिएशन ने इस अनिश्चितकालीन हड़ताल में इमरजेंसी औैर पोस्टमार्टम ड्यूटी को भी शामिल करने का एलान किया है।किए जाएंगे अतिरिक्त इंतजाम: संयुक्त जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि दवाओं को बांटने में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को लगाया जाएगा, जिनका सुपरविजन स्टाफ नर्स और डॉक्टर करेंगे।
सोमवार को भी रही मरीजों को दिक्कत:
फार्मासिस्ट और संविदाकर्मियों की दो घंटे की हड़ताल से सोमवार को भी मरीजों को खासी परेशानी हुई। सबसे अधिक परेशानी लैब टेक्नीशियन की हड़ताल से हो रही है। संयुक्त जिला अस्पताल में तो सभी लैब टेक्नीशियन संविदा पर तैनात थे इसलिए वहां का पैथलैब तो 14 सितंबर से ही बंद है।
एमएमजी में कुछ नियमित स्टाफ तैनात हैं उसमें से भी एक और स्टाफ का तबादला दूसरी जगह हो गया है इसलिए वहां का पैथलैब सिर्फ एक स्टाफ के सहारे चल रहा है। इसमें भी सुबह दो घंटे की हड़ताल के कारण सैंपल नाम मात्र को ही लिए जा रहे हैं।
संविदाकर्मियों की हड़ताल से प्रभावित होगा पोेलियो अभियान
संविदाकर्मियों की हड़ताल से नियमित टीकाकरण अभियान तो प्रभावित हो रहा है बल्कि पोलियो अभियान भी प्रभावित होगा। सोमवार की हड़ताल में संविदार्मियों और एएनएम ने पोलियो अभियान की बैठक में भी जाने से इंकार कर दिया। सोमवार को भी संविदाकर्मियों की हड़ताल संयुक्त जिला अस्पताल में जारी रही जिससे सभी काम प्रभावित हुए।
उनका कहना है कि हड़ताल को आठ दिन हो गए हैं लेकिन अधिकारी सुध नहीं ले रहे हैं। बल्कि उन पर हड़ताल वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। संघ की जिलाध्यक्ष पूजा गर्ग ने बताया कि धरना प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा। सोमवार को भी पोलियो अभियान की बैठक के लिए दबाव बनाया जा रहा था लेकिन इंकार कर दिया गया।
आंदोलन को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद भी हड़ताल को समर्थन दे रहा है। धरने में निधि गौतम, रामेंद्र सिंह सपना शर्मा, प्रेमलता सिंह आदि मुख्य रूप से मौजूद रहीं।
राजकीय चालक संघ भी रहा हड़ताल पर
राजकीय वाहन चालक संघ कलक्ट्रेट की हड़ताल सोमवार से ही शुरू हो गई। सप्ताह के पहले ही दिन सीडीओ समेत कई अधिकारियों के चालकों ने उनके वाहन ही नहीं चलाए। चालक संघ के पदाधिकारी सुरेंद्र ने बताया कि सोमवार को सिर्फ डीएम और एडीएम के ही वाहन चले।
जबकि सीडीओ, वन विभाग, वाणिज्यकर और हेल्थ डिपार्टमेंट से संबंधित अधिकारियों के वाहनों पर तैनात चालक पूरी तरह से हड़ताल पर रहे। उन्होंने बताया कि मंगलवार को डीएम और एडीएम के वाहनों पर भी चालक ड्यूटी नहीं करेंगे। इससे पहले चालक संघ ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन भी किया।