स्मार्ट सिटी मिशन की रेस में शामिल गाजियाबाद पर रेजिडेंट्स की लापरवाही भारी पड़ सकती है। ऑनलाइन सुझाव की संख्या महज 1709 तक पहुंच पाई है। जबकि सहारनपुर और झांसी समेत यूपी के ही कई शहर इस मामले में गाजियाबाद से आगे हैं।
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने स्मार्ट सिटी की दौड़ में शामिल शहरों के लिए जनता से सुझाव लेना अनिवार्य किया हुआ है। इन सुझावों को स्मार्ट सिटी प्रपोजल में शामिल किया जाना है।
ऑनलाइन सुझाव के लिए केंद्र सरकार ने 15 अंक निर्धारित किए हुए हैं और ज्यादा सुझाव मिलने का मतलब है कि स्मार्ट सिटी को लेकर इन नगर निगमों का पब्लिक कनेक्शन अच्छा है। पहले चरण में गाजियाबाद शहर सुझाव लेने में पिछड़ गया था।
दूसरे चरण में अंतिम दौर में नगर निगम ने पब्लिक रिलेशन कंपनी की सहायता ली तो गाजियाबाद को 54747 सुझाव मिले, लेकिन तीसरे चरण में फिर जनता की उदासीनता निगम अफसरों और कंसलटेंट फर्म के लिए टेंशन की वजह बन रही है।
ऑनलाइन सुझाव देने के मामले में सहारनपुर और झांसी के लोग गाजियाबाद के लोगों से आगे हैं। सहारनपुर में 33700 और झांसी में 8315 लोग केंद्र सरकार की वेबसाइट पर सुझाव दे चुके हैं। हालांकि रामपुर, अलीगढ़, मुरादाबाद और इलाहाबाद इस मामले में गाजियाबाद से भी पीछे हैं।
वेबसाइट, फेसबुक, ट्वीटर और व्हाट्सएप पर जनता से सुझाव मांगे जा रहे हैं। प्रोफेशनल एजूकेशन कॉलेजों के स्टूडेंट्स को भी स्मार्ट सिटी मिशन से कनेक्ट किया जाएगा। अब फोकस बेहतर स्मार्ट सिटी प्रपोजल बनाने पर है। - एसएस चौहान, नोडल अधिकारी, स्मार्ट सिटी मिशन