साहिबाबाद। शालीमार गार्डन में फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. मोहम्मद सरताज से पाशा गैंग के नाम पर 20 लाख की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने उनके पुराने मरीज और कैब चालक को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि मरीज ने 12 लाख का कर्ज चुकाने के लिए कैब चालक के साथ मिलकर चोरी के फोन से रंगदारी मांगी थी। लोकेशन ट्रैस कर पुलिस टीम ने राममनोहर लोहिया पार्क के पास से दोनों को दबोच लिया। दोनों के पास रंगदारी मांगने में इस्तेमाल फोन और एक अन्य फोन बरामद हुआ है।
एसीपी शालीमार गार्डन सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि जावेद अली उर्फ सैफ खान पुत्र अरशद निवासी गणेशपुरी शालीमार गार्डन और फहीम अंसारी पुत्र जाहिद अंसारी निवासी कंचनदीन मुगमा ईस्ट इंडिया कपसारा धान गृह थाना निरसा झारखंड को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि जावेद ने कुछ महीने पहले फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. मोहम्मद सरताज से इलाज कराया था। इस दौरान उसे मालूम हो गया कि डॉक्टर का क्लीनिक के अलावा एक मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल भी है। जहां दोनों जगह से डॉक्टर को अच्छी कमाई होती है। योजना बनाने के दौरान उसे दिल्ली वजीराबाद रोड पर गरिमा गार्डन में रहने वाला फहीम मिला। वह झारखंड से आकर यहां कैब चलने लगा था। जावेद ने उसे अपनी आर्थिक स्थिति बताई और डॉक्टर की जानकारी देकर रंगदारी मांगने का तरीका बताया। दोनों ने योजना के तहत बाइक से कौशांबी थाना क्षेत्र पहुंचे और ईडीएम मॉल के पास ठेके से एक मजदूर का फोन चोरी कर लिया। फोन चुराने के बाद दोनों हाईवे से होते हुए प्रताप विहार विजय नगर पहुंचे। वहां कैब चालक फहीम ने फिजियोथेरेपिस्ट को फोन करके 20 लाख की रंगदारी मांगी। कुछ देर बाद मोहन नगर में पहुंचकर डॉक्टर को दोबारा कॉल करके दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज पर पैसे पहुंचाने के लिए कहा। फिजियोथेरेपिस्ट ने मामले की लिखित शिकायत शालीमार गार्डन पुलिस को दी तो इसका पता चलने पर दोनों ने फोन बंद कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि कैब चालक फहीम ने दिल्ली के एक कारोबारी के खाते से ठगी की थी। उसे मामले में वह 2022 में जेल गया था। फिलहाल टीम ने दोनों से रंगदारी मांगने में इस्तेमाल हुआ चोरी का फोन और एक अन्य मोबाइल बरामद किया है। पुलिस मोबाइल चोरी की घटना में इस्तेमाल जावेद की बाइक को भी ढूंढ रही है।
-यह था पूरा मामला-
शालीमार गार्डन के सी ब्लॉक में रहने वाले डॉक्टर मोहम्मद सरताज खां ने पुलिस को बताया कि 11 अगस्त की शाम 6:45 बजे उन्हें अनजान नंबर से कॉल आई थी, जिसमें युवक ने खुद को पाशा गैंग का सरगना बताकर 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। बदमाश ने उनसे रात 11:00 बजे तक दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज पर रकम लेकर पहुंचने की चेतावनी भी दी। रकम न देने पर उन्हें घर से निकलते ही गोली मारने की धमकी भी दी। बदमाश की कॉल आने पर वह घबरा गए और तुरंत थाने पहुंचकर पुलिस को लिखित शिकायत देकर सुरक्षा की गुहार लगाई। बदमाश ने उन्हें पाशा गैंग के नाम पर दो से तीन बार कॉल की थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके बदमाशों की तलाश शुरू कर दी थी।