गाजियाबाद। सिहानी के हीरा कारोबारी राजेश गोयल से दो करोड़ की रंगदारी मांगे जाने के मामले का पुलिस ने बुधवार को खुलासा हो जाने का दावा किया है। इसके आरोप में मजदूरी करने वाले आलमगीर और उसके बेटे दानिश को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि रंगदारी की धमकी के लिए उसने इंटरमीडिएट तक पढ़े दानिश से ही रात पांच पन्नों का खत लिखवाया था।
डीसीपी नगर ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि आलमगीर और दानिश विजयनगर के मिर्जापुर के निवासी हैं। दानिश ने 18 अप्रैल की रात खत कारोबारी की दुकान के बाहर डाला था। खत डालने जाते समय वह सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। फुटेज से उसकी पहचान हो गई। उसके मोबाइल फोन की लोकेशन से एक और साक्ष्य मिल गया।
आलमगीर ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि उस पर डेढ़ लाख का कर्ज हो गया था। इसे चुकाने के लिए ही उसने रंगदारी वसूली की साजिश रची। पांच साल पहले वह राजेश गोयल की बिजली के उपकरण बनाने की फैक्टरी में उपकरणों पर पेंट करने का काम करता था। उसने 18 साल काम किया। 2019 में नोटबंदी के दौरान काम में मंदी बताकर राजेश गोयल ने उसे फैक्टरी से निकाल दिया था।
उसने बताया कि फैक्टरी से निकाले जाने के बाद उसने बेटी और बेटे की शादी की। इसके लिए डेढ़ लाख का कर्ज लिया। लोग अपनी रकम के लिए तगादा कर रहे थे। इससे वह परेशान हो गया। इसी परेशानी को दूर करने के लिए उसने रंगदारी वसूली की साजिश रची। दानिश ने बताया कि वह खत डालने के लिए रात के अंधेरे में गया था ताकि किसी को पता नहीं चले।
50 लाख खर्च हो गए तुम्हारी रेकी में
पांच पन्नों के धमकी भरे पत्र में आलमगीर ने राजेश को संबोधित करते हुए लिखा, मैं तुम्हारे परिवार के एक-एक सदस्य के बारे में जानता हूं। तुम्हारी पूरी कुंडली मेरे पास है। तुम्हारी रेकी कराने में मेरे 50 लाख रुपये खर्च हो गए हैं। अब दो करोड़ रुपये की रकम मेरठ रोड पर पिलर संख्या 543 के नीचे रख देना। अगर तुम डर जाओ और रकम देना चाहो तो अपने गेट पर सफेद कपड़ा बांध देना। मैं इसे देखने आउंगा।
एनकाउंटर के डर से नहीं आया
आलमगीर ने धमकी भरे खत में जो भी बताया था, पुलिस ने राजेश गोयल से वो ही कराया। घर के बाहर सफेद कपड़ा बंधवा दिया। पिलर संख्या 543 के नीचे बैग रखवा दिया। हालांकि इसमें नोट नहीं रद्दी थी। लेकिन, आलमगीर न कपड़ा देखने के लिए आया और न बैग लेने के लिए। पकड़े जाने पर पुलिस ने इस बारे में उससे पूछा। उसने बताया कि उसे पता चल गया था कि पुलिस तक शिकायत पहुंच गई है। उसे डर था कि अगर बैग उठाने गया तो पुलिस उसे पकड़कर ले जाएगी और एनकाउंटर कर देगी। इसी डर से वह नहीं गया।