साहिबाबाद। लोनी-भोपुरा रोड पर बृहस्पतिवार रात 11:30 बजे दीपक उनियाल ने शराब के नशे में पिता की डांट से बचने के लिए पुलिस को लूट की झूठी सूचना दी थी। टीलामोड़ पुलिस ने सर्विलांस की मदद से फोन और लैपटॉप डीएलएफ से बरामद कर लिया। पुलिस ने उसके खिलाफ झूठी सूचना देने पर धारा 182 के तहत कार्रवाई की है। दीपक ने पुलिस को शपथ पत्र देकर माफी मांगी है।
इंद्रप्रस्थ कालोनी निवासी दीपक उनियाल दिल्ली की एक विज्ञापन कंपनी में मीडिया प्लानर के पद पर काम करता है। बृहस्पतिवार रात उसने पुलिस को झूठी सूचना दी कि वह 11:30 बजे ड्यूटी से घर लौट रहे था। डीएलएफ कालोनी के पास ऑटो में बैठने पर उसमें चालक समेत तीन बदमाशों ने कोयल एंक्लेव के पास पहुंचकर उसे रुमाल में नशीला पदार्थ सुंघाकर बेसुध करने का प्रयास किया। विरोध करने पर बदमाशों ने नीचे गिराकर पीटा फिर टीला मोड़ थाने के पास चलते ऑटो से सड़क किनारे फेंक दिया।
रात ढाई बजे पिता ने उसे सड़क से उठाकर अस्पताल पहुंचाया था। टीला मोड़ पुलिस ने लूट का मुकदमा लिखकर जांच की तो वादी दीपक उनियाल अपने झूठ में फंसता चला गया। एसीपी भास्कर वर्मा का कहना है कि शुरुआत में वह घटना की जानकरी देने से बचने लगा। टीम ने सर्विलांस की मदद से उसके फोन की लोकेशन निकाली तो फोन डीएलएफ में कहीं छूट गया था। पुलिस ने वहीं से लैपटॉप व पर्स भी बरामद किया।
इसके बाद पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना झूठ कबूल कर लिया। एसीपी का कहना है कि आरोपी पक्ष ने एक शपथ पत्र देकर कानूनी कार्रवाई करने से इनकार किया और माफी भी मांगी है। इसके आधार पर पुलिस ने मुकदमा खारिज रिपोर्ट कोर्ट में भेज दी है।