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Ghaziabad News: लेनदेन के विवाद में पूर्व साझीदार ने की टाइल्स कारोबारी की हत्या

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गाजियाबाद। पंचवटी निवासी टाइल्स कारोबारी ऋषभ गुप्ता (28) की सोमवार की रात गोली मारकर हत्या कर दी गई। उनका शव मंगलवार की सुबह नेहरूनगर में पीएनबी की शाखा के पास सड़क किनारे पड़ा मिला। पास में ही मोबाइल फोन पड़ा था जो स्विच ऑफ था। इसे ऑन करके पुलिस ने परिजनों से जैसे ही बात की, वैसे ही हत्या का राज खुल गया।
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परिजनों ने पुलिस को बताया कि ऋषभ अपने चचेरे भाई मुकुल, दोस्त पुलकित और टाइल्स के कारोबार में पूर्व साझीदार अनुज के साथ हरिद्वार जाने के लिए घर से निकले थे। पुलिस ने मुकुल और पुलकित को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने बता दिया कि लेनदेन के विवाद में उनके सामने ही तमंचे से सिर में गोली मारकर यह वारदात अनुज ने की है। हत्या के दौरान वे दोनों कार में बैठे थे। बाद में कार से अनुज के साथ भाग गए। पुलिस अनुज के घर पहुंची तो पता चला कि उसने आर्म्स एक्ट के मामले में कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। वह इसमें वांछित चल रहा था।
डीसीपी नगर राजेश कुमार ने पुलकित और मुकुल से की गई पूछताछ के हवाले से बताया कि ऋषभ का कालकागढ़ी में टाइल्स का बड़ा कारोबार है। काफी समय से पहले अनुज उनकी फर्म महादेव टाइल्स में साझीदार था। रुपये के लेनदेन के विवाद में दोनों में रंजिश हो गई थी। इसमें मारपीट भी हुई थी। तभी से अनुज हत्या करने के लिए मौका ढूंढ रहा था। साजिश के तहत उसने सोमवार की रात में वारदात कर दी।
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डेढ़ साल की है बेटी : चचेरे भाई विशाल ने बताया कि ऋषभ की शादी दिसंबर 2016 में हुई थी। उनकी डेढ़ साल की बेटी है। हत्या की खबर सुनते ही भाभी आयुषि की तबीयत बिगड़ गई। परिवार में किसी को जरा भी अंदाजा नहीं था कि उनका कोई दोस्त उनकी हत्या कर सकता है।



कार से उतरते ही मार दी गोली

(घटनाक्रम)
डीसीपी ने बताया कि साजिश के तहत अनुज ने ऋषभ से नजदीकी बढ़ा ली थी। उसके कहने पर ही चारों ने सोमवार की रात में हरिद्वार जाने की योजना बनाई। मंगलवार को बाजार में अवकाश रहने की वजह से ऋषभ कहीं न कहीं घूमने के लिए निकल जाते थे। पुलकित की कार से चारों हरिद्वार के लिए चले। ऋषभ ने पत्नी को बता दिया था कि वह पुलकित, मुकुल और अनुज के साथ हरिद्वार जा रहे हैं। रास्ते में चारों ने शराब पी। कार को ऋषभ चला रहे थे। मेरठ पहुंचते ही उन्हें कुछ शक हुआ या कोई और बात थी, लेकिन उन्होंने आगे जाने से इन्कार कर दिया और कार वापस गाजियाबाद की ओर मोड़ दी। रास्ते में अनुज का घर पड़ा। वह दस मिनट के लिए गया और वापस आ गया। इसके बाद जैसे ही कार रोककर ऋषभ लघुशंका निवारण के लिए उतरे, वैसे ही अनुज भी उतर गया। उसने ऋषभ के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद वे लोग वहां से भाग गए।


आत्महत्या दिखाने के लिए रखा तमंचा

(गहरी साजिश)
डीसीपी ने बताया कि साजिश के तहत अनुज पहले से तमंचा लेकर आया था। उसने इसी से गोली मारकर हत्या की। इसके बाद ऋषभ के हाथ में तमंचा रख दिया। इसके पीछे उसका मकसद हत्या को आत्महत्या दिखाने का था। सिर में गोली लगने और हाथ में तमंचा होने से शुरू में पुलिस को ऐसा ही लगा कि मामला आत्महत्या का है लेकिन, थोड़ी ही देर में तस्वीर साफ हो गई। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि उन्हें अनुज के खतरनाक इरादों की भनक तक नहीं लगी। हत्या के बाद उन्होंने उससे कहा कि उसने ऐसा क्यों किया, इस पर वह भड़क गया। उसने उन दोनों पर तमंचा तान दिया। अनुज के कहने पर ही वे लोग वहां से भागे। डीसीपी का कहना है कि अनुज को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। आरोपियों में अनुज (30) मालीवाड़ा में रहता है और ब्याज पर रकम देने का काम करता है। पंचवटी निवासी पुलकित (29) की मालीवाड़ा में किरयाना की दुकान है। मुकुल (26) नंदग्राम में रहता है। ऋषभ का चचेरा भाई है।
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