गाजियाबाद। जीएसटी की रकम लेकर फरार हुई फर्माें पर राज्यकर विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आधार और पैन कार्ड समेत अन्य डाटा के माध्यम से इन फर्माें को सर्च करके 253 करोड़ की वसूली की गई है। जोन-दो में 3873 आरसी का निस्तारण करके यह रकम वसूली गई है। राज्यकर विभाग के अभी और ऐसी फर्माें की तलाश में हैं जिनके खिलाफ विभाग आरसी जारी कर चुका है। हालांकि इनमें से कई बड़ी फर्म विवादित हो जाने के कारण अब एनसीएलटी में (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्युनल) में चली गई हैं, इनसे रिकवरी नहीं हो पाई है।
जीएसटी की करीब 500 करोड़ से ज्यादा की रकम लेकर फर्माें ने या तो कारोबार समेत लिया या गाजियाबाद से चली गई हैं। राज्यकर विभाग के जोन-दो में करीब टैक्स वसूली के लिए करीब छह हजार आरसी जारी की गई थीं। जुलाई-2023 से जोन-दो के अपर आयुक्त (ग्रेड-1) दिनेश कुमार मिश्रा ने बताया कि कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने ऐसी फर्माें की सूची तैयार कराई, जिनके खिलाफ पूर्व में आरसी जारी हो चुकी थी। बुलंदशहर जिले में 1200 से ज्यादा और गाजियाबाद में 4800 ऐसी फर्म थीं, जो आरसी जारी होने के बावजूद टैक्स की रकम जमा नहीं कर रही थीं। इन फर्माें पर शिकंजा कसा गया। इसके बाद बुलंदशहर जिले में 837 फर्माें से 37.48 करोड़़ रुपये और गाजियाबाद जोन दो के क्षेत्र में 3873 फर्माें से 214.77 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि जल्द ही कई अन्य फर्माें से भी रकम जमा कराई जाएगी। इसके लिए प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है।
सबसे ज्यादा औद्योगिक क्षेत्र की फर्माें से हुई वसूली
सबसे ज्यादा वसूली औद्योगिक क्षेत्र, लोहा मंडी क्षेत्र की फर्माें से वसूली की गई है। राज्यकर विभाग के अपर आयुक्त दिनेश कुमार मिश्रा ने बताया कि सेक्टर-16 में 86 करोड़ से ज्यादा की रकम, सेक्टर-17 में 72 करोड़ की वसूली की गई है। इनके अलावा अन्य जोन में भी दो से 20 करोड़ तक की रिकवरी की गई है। उन्होंने बताया कि सभी सेक्टर के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आरसी के सापेक्ष फर्माें से वसूली की प्रक्रिया तेज की जाए।