गाजियाबाद। कविनगर थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर में आरती सचान की बृहस्पतिवार को हुई मौत के मामले की तह में जाने के लिए पुलिस दीवार पर लिखावट की जांच विधि विज्ञान प्रयोगशाला से कराएगी। पुलिस के मुताबिक, आरती की मौत का सही कारण विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा। इसके लिए पुलिस उनके दस्तावेजों पर हस्ताक्षर आदि रिकार्ड से उनकी लिखावट का सैंपल लेगी और उससे दीवार पर लिखे गए नामों से उनका मिलान कराएगी।
आसपास के लोगों ने पुलिस को बताया है कि आरती सचान फर्राटेदार अंग्रेजी बोलती थीं, वह उच्च शिक्षित भी थीं जबकि दीवार पर जो नाम लिखे गए हैं, उसमें कई शाब्दिक गलतियां हैं। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया। आरती का परिवार भवन के तीसरी मंजिल पर बने फ्लैट में रहता है। इस बारे में एसीपी कविनगर अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि प्रकरण की जांच चल रही है। पर्याप्त साक्ष्य संकलन होने के बाद ही पूरी स्थिति पर कुछ कहा जा सकता है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया हैंगिंग :
एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की मौत का कारण हैंगिंग आया है। प्रकरण में नामजदों के अलावा आसपास के लोगों के बयान दर्ज कराए जाएंगे। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
यह लगाया है आरोप
मनोज सचान ने आरोप लगाया है कि पड़ोसी उनकी पत्नी से अभद्रता करते थे। उनकी पत्नी का लगातार उत्पीड़न किया जा रहा था। मामले में उन्होंने तीन मार्च 2023 को कविनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस ने उसमें कार्रवाई करने की बजाय एफआर लगाकर केस बंद कर दिया। मनोज ने बताया कि पुलिस मामले में लापरवाही बरत रही है। अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई है। अब इस मामले में पुलिस आयुक्त से मिलकर उनसे मदद की गुहार लगाई जाएगी।
इन लोगों पर दर्ज कराई गई रिपोर्ट :
आरती के पति मनोज सचान ने अचल कश्यप, प्रमोद कश्यप, सविता कश्यप, हिना, कविता, विपिन, विपिन की पत्नी, लाेकेंद्र, अर्पण, चंदपाल व उसका परिवार योगेंद्र आदि को नामजद किया है।
2019 में भी सुर्खियों में आईं थी आरती सचान :
जनवरी 2019 में आरती सचान ने सेंट मेरी स्कूल के प्रबंधन पर आरोप लगाया था कि स्कूल के शिक्षक उनके बेटे को पीटते हैं। उन्होंने कविनगर के तत्कालीन थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा, चौकी प्रभारी धर्मेंद्र बालियान पर आरोप लगाया था कि अंग्र्रेजी में बात करने पर थाना प्रभारी ने उनके साथ अभद्रता की। जिसके बाद उन्होंने नींद की गोलियां खा ली थीं। उन्होंने हाथ की नस काटकर आत्महत्या का प्रयास भी किया था। तब भी उन्होंने स्कूल के कई शिक्षकों समेत अन्य के नाम से सुसाइड नोट लिखा था। यह प्रकरण मीडिया में सुर्खियां बना रहा। गाजियाबाद पेरेंट्स एसोसिएशन ने इसमें आंदोलन किया।
करतीं रहती थीं शिकायतें :
पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला है कि पिछले दिनों उन्होंने पड़ोस में माता की चौकी और जन्मदिन के अवसर पर पड़ोसियों के गाने बजाने की शिकायत भी पुलिस से कर दी थी। इसको लेकर पड़ोसियों की उनसे कहासुनी भी हो गई थी।