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Bulandshahar: स्याना के तीन गांव में चक्रवात, चपेट में आने से तीन महिलाएं घायल

Thu, 22 Sep 2022 05:46 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर

सार

चक्रवात से 200 से अधिक पेड़ गिर गए और तीनों गांव में किसी की छत तो किसी की टीन शेड उड़ गई। इससे धान समेत अन्य फसलों को भी काफी नुकसान हुआ है। स्याना एसडीएम और सीओ स्याना आदि अधिकारी गांवों में पहुंच गए थे।
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स्याना क्षेत्र में चक्रवात आने के बाद लोगों को भारी नुकसान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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स्याना क्षेत्र के गांव चिंगरावठी, हरवानपुर और महाव में चक्रवाती तूफान (बवंडर) ने बृहस्पतिवार को क्षेत्र में कहर बरपाया। जिसमें 200 से अधिक पेड़ और बिजली के खंभे उखड़कर गिर गए। 18 से अधिक मकानों की दीवार क्षतिग्रस्त हो गईं और कई मकानों में दरार आ गई। तूफान के दौरान गिरी मकान की दीवार की चपेट में आने से तीन महिलाएं घायल हो गईं, जिनका उपचार स्याना में चल रहा है। किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। डीएम के निर्देश पर एडीएम वित्त एवं राजस्व, एसपी सिटी, एसडीएम व सीओ समेत अन्य अधिकारी गांव में पहुंचकर राहत कार्य के बाद नुकसान के आंकलन में जुटे रहे।

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जनपद में लगातार बारिश होने से मौसम सुबह से सुहाना था। पूरा दिन बारिश जारी रही। इसी दौरान बृहस्पतिवार दोपहर को स्याना के गांव चिंगरावठी, महाव व हरवानपुर में चक्रवाती तूफान आ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही देर में तूफान ने चक्रवर्ती तूफान (बवंडर) का रूप ले लिया। हवाएं जमीन से गोल गोल घूमते हुए आसमान की ओर जाती दिखने लगीं। चक्रवाती तूफान से करीब 200 पेड़ टूट गए व किसानों की फसल नष्ट होने से भारी नुकसान हुआ है।

चक्रवाती तूफान से बिजली की लाइन व खंभे टूट गए, जिससे विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। मकानों की दीवार में दबने से तीन महिलाएं भी घायल हो गईं। क्षेत्र में इसका केंद्र गांव हरवानपुर व चिंगरावठी रहा। अचानक आए तूफान से हड़कंप मच गया। वहीं, सड़क पर पेड़ टूटने से वाहन चालक भी सहम गए। उन्होंने खाली स्थान पर अपने वाहनों को रोक लिया। कुछ ही देर में दोनों गांव में पेड़ व मकानों की दीवार आदि गिर गईं। विद्युत पोल टूट गए और पोल पर रखे भारी भरकम ट्रांसफार्मर तक नीचे आ गिरे।
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सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई और लोगों को इस तूफान से बचाते हुए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। वहीं, दीवार गिरने से घायल होने वाली महिलाओं में दुर्गा, अर्चना और सुुधा शामिल हैं। कृषि वैज्ञानिक डा. विवेक राज ने बताया कि इस तरह का बवंडर समय-समय पर आते रहते हैं। इससे पहले भी औरंगाबाद क्षेत्र में वर्ष 2020 में तूफानी बवंडर आ चुका है।

आधा घंटे तक रहा चक्रवाती तूफान

चक्रवाती तूफान तकरीबन आधा घंटे रहा। तूफान के दौरान अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जिसे जहां भी सुरक्षित स्थान दिखाई दिया उसने वहीं दौड़ लगा दी। घर में लोगों को कुछ समझ आता उससे पहले ही काफी नुकसान हो चुका था। गांव हरवानपुर निवासी किसान ईश्वर सिंह, जग्गन सिंह, गजे सिंह, राजेश कुमार, ललित, धर्मेंद्र आदि ने बताया कि उनकी ईख, आम के बाग व खेतों में खड़ी धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। गांव चिंगरावठी में वीर सिंह की दीवार व टीनशेड, रामवीर की दीवार, महिपाल की टीनशेड, दुर्गा की टीन व दीवार व विक्रम की टीन शेड उड़ गई। वहीं, दूसरी ओर 32 विद्युत पोल और ट्रांसफार्मर गिरने से क्षेत्र की बिजली गुल हो गई। बिजली गुल होने से लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा।

नुकसान का आंकलन शुरू

चक्रवाती तूफान की सूचना मिलते ही तहसील प्रशासन सहित जिला स्तरीय अधिकारियों ने भी दौड़ लगा दी। एसपी सिटी सुरेंद्र नाथ तिवारी सहित एडीएम फाइनेंस विवेक सिंह, एसडीम स्याना मधुमिता सिंह, सीओ स्याना वंदना शर्मा आदि तूफान क्षेत्र में पहुंच गए। प्रशासन ने घायलों की मदद की। तूफान से हुए नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।

लोगों ने बनाए वीडियो, घर छोड़कर भागे लोग

चक्रवाती तूफान आने के बाद एक तरफ जहां लोग बचने का प्रयास कर रहे थे और अपने घरों को छोड़कर भाग खड़े हुए। वहीं, दूसरी ओर लोग इसका मोबाइल से वीडियो बना रहे थे। यह इतना ऊंचा था कि इसका अंदाजा कोई नहीं लगा सका। वहीं, जिन लोगों ने इसका वीडियो बनाया, उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया, जिसे देखकर लोग अचंभित रह गए। दूसरी ओर ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह का मंजर कभी नहीं देखा। बुजुर्ग बताते हैं कि पहले काली आंधी आती थी, लेकिन इस चक्रवात ने उस काली आंधी की याद दिलाई है। जिस समय चक्रवात चल रहा था तो उस समय हवा का तांडव इतनी तेजी से चल रहा था कि मानों यह सभी को अपनी चपेट में ले लेगा।

चक्रवाती तूफान से जो भी नुकसान हुआ है। उसका आंकलन कराया जा रहा है। पीड़ितों को नियमानुसार आगामी 24 घंटे के भीतर सर्वे कराकर दैवीय आपदा नियम के तहत सहायता दी जाएगी।

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- सीपी सिंह, डीएम

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