गाजियाबाद। साइबर अपराधियों ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर सीआईएसएफ के जवान साहित तीन लोगों से 75 लाख रुपये ठग लिए। इंदिरापुरम के रहने वाले सीआईएसएफ के जवान से ठगों ने फेसबुक पर दोस्ती कर बातचीत की। इसके बाद 15 लाख रुपये ठग लिए। वहीं, विजयनगर के रहने वाले विनय से 9.90 लाख रुपये और इंदिरापुरम की अल्पना जैन से 50.77 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने इनसे 33 खातों में रकम ट्रांसफर कराई। तीनों ने साइबर अपराध थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।
इंदिरापुरम के रहने वाले सीआईएसएफ की पांचवी यूनिट में तैनात जवान का कहना है कि फेसबुक पर उनकी पहचान जाननी नाम की युवती से हुई। कुछ दिन बात होने पर उसने अपने परिवार के बारे में बताया। साथ ही बताया कि भाई शेयर ट्रेडिंग का काम करता है। बाद में उसने टेलीग्राम एप इंस्टॉल कराया और एक ग्रुप में जोड़ा, जिसे फेमिली ग्रुप बताया। इसके बाद युवती का कथित भाई ट्रेडिंग में फायदे के बारे में बात करने लगा। शुरुआत में उन्होंने छह हजार रुपये लगाए तो उन्होंने करीब सात हजार रुपये वापस मिले। विश्वास में लेकर उनसे कई बार में 12 खातों में 15 लाख रुपये ट्रांसफर करवाए। उन्होंने अपने पीएफ के साथ परिवार को दिए जाने वाले रुपये भी इसमें निवेश कर दिए।
वहीं, विजयनगर निवासी विनय से शातिरों ने 9.90 लाख रुपये ठग लिए। ठगों ने सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें एक ग्रुप में जोड़ा जहां। एक प्रोफेसर ने निवेश के बारे में प्रशिक्षण दिया और फिर रुपये निवेश कराना शुरू किया। ठगों ने नौ खातों में उसने 9.90 लाख रुपये ले लिए। मुनाफा होने पर उन्होंने रुपये निकालने का प्रयास किया लेकिन जब रुपये वापस नहीं मिले तो ठगी का एहसास हुआ।
स्टॉक मार्केट में निवेश के नाम पर 50.77 लाख ठगे
अहिंसाखंड इंदिरापुरम की सोसायटी में रहने वाली अल्पना जैन से ठगों ने स्टॉक मार्केट में निवेश के नाम पर 50.77 लाख रुपये ठग लिए। उनका कहना है कि व्हाट्सएप पर ट्रेडिंग के संबंध में एक लिंक आया। क्लिक करने पर वह लर्निंग एंडलेस नाम के ग्रुप में जुड़ी। ग्रुप में उन्हें ऑनलाइन ट्रेडिंग के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान बताया कि गया कि नए यूजर को कंपनी की तरफ से ही निवेश का मौका दिया जाएगा और उन्हें कमीशन भी मिलेगा। शुरुआत में कुछ रुपये मिले और बाद में फिर उन्होंने दो लाख रुपये निवेश किए, जहां उन्हें मुनाफे की रकम में से एक लाख रुपये ट्रांसफर करने का मौका मिला। उनका कहना है कि रुपये डॉलर में निवेश कराए जा रहे थे। शुरुआत में फायदा होने और नकद निकाल पाने के कारण उन्हें विश्वास हो गया, जिस कारण वह ठगों के जाल में फंस गई। इसके बाद कई स्कीम बताकर धीरे-धीरे कई बार में 50.77 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।
कोट
तीनों मामलों में ठगी की गई रकम को फ्रीज कराने के लिए टीम लगी है। शातिरों को भी ट्रैक करने का प्रयास किया जा रहा है। - सच्चिदानंद, एडीसीपी अपराध