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तीन दिन बाद बैंक खुले तो उमड़े लोग

Tue, 13 Dec 2016 10:34 PM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
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बैंक - फोटो : अमर उजाला
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गाजियाबाद। लगातार तीन दिन की छुट्टी के बाद मंगलवार को बैंकों के खुलते ही लोग कैश के लिए बैंकों के बाहर उमड़ पड़े। आम दिनों की तुलना में मंगलवार को बैंकों के बाहर दोगुनी भीड़ रही।
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सुबह से ही बड़ी संख्या मेें लोग कैश लेने के लिए बैंकों और एटीएम के बाहर पहुंच गए। हालांकि कई जगह कैश के लिए परेशान लोगों का सब्र भी जवाब दे गया। ऐसे में नोंकझोंक और धक्कामुक्की की स्थिति भी बनी।   

बैंकों के बाहर तड़के तीन बजे से ही लोग लाइनों में लगने लगे थे। घंटों इंतजार के बाद जैसे ही बैंक खुले लोगों के बीच बैंक के अंदर जाने को लेकर धक्कामुक्की की स्थिति तक बन गई। मेन गेट पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने किसी तरह लोगों को संभाला और एक-एक करके लोगों को बैंक के अंदर भेजा।
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जहां पर टोकन की व्यवस्था थी, वहां पर लोगों को टोकन दिए गए। ज्यादातर बैंकों में दोपहर दो बजे तक कैश खत्म हो गया, गिने-चुने बैंकों में ही दोपहर तीन बजे तक कैश दिया गया।

चेक  के जरिए कैश लेने के लिए आए लोगों को 24 हजार रुपये मिलने की उम्मीद थी लेकिन एसबीआई ने उन्हें 10 हजार रुपये और बाकी बैंकों पांच हजार रुपये ही दिए। राजनगर स्थित एचडीएफसी बैंक की शाखा का सर्वर डाउन रहने से कैश बंटा ही नहीं, जिससे लोगों को खासी दिक्कत झेलनी पड़ी।  

नवयुग मार्केट स्थित यूनियन बैंक में 12 दिन बाद कैश दिया गया। युनाइटेड बैंक, कारपोरेशन बैंक, इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, आंध्रा बैंक, सिंडिकेट बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, देना बैंक आदि में जल्द ही कैश खत्म हो गया।

20 फीसदी एटीएम चले, मिली राहत
नवयुग मार्केट में कारपोरेशन बैंक, बीओबी, अंबेडकर रोड में एसडीएफसी, एक्सिस बैंक, एसबीआई और आईसीआईसीआई के एटीएम में तीन दिन से कैश नहीं था, मंगलवार को इन एटीएम में कैश आने से लोगों को कुछ राहत मिली। बहरहाल, 80 फीसदी एटीएम में मंगलवार को भी कैश नहीं रहा, जिसकी वजह से खासी दिक्कत झेलनी पड़ी।

एसबीआई ई-ट्रांजेक्शन के लिए लगाएगी कैंप
व्यापारियों के साथ लोगाें को ई-ट्रांजेक्शन के प्रति जागरूक करने के लिए एसबीआई कैंप लगाएगी। बैंक  प्रबंधन व्यापार मंडल की सहायता से यह कैंप लगाएगा। कैंप में एक्सपर्ट व्यापारियों के साथ ग्राहकों को बताएंगे कि ई-ट्रांजेक्शन कैसे करें, कैसे इसको सुरक्षित रखें, ई-बडी, पेटीएम, ई-वॉलेट जैसे एप का कैसे उपयोग करें।

क्या कहते हैं लोग
- लंबी छुट्टी के बाद बैंक  खुलने पर लोगों को ज्यादा कैश मिलना चाहिए पर घंटों लाइन में लगने के बाद भी उम्मीद नहीं है कि कैश मिल पाएगा। - संदीप राणा, मालीवाड़ा
- घर के जरूरी खर्चों के लिए पैसे चाहिए इसलिए सब काम छोड़कर लाइन में खड़े हैं। बैंक से कैश न मिला तो मुश्किल हो जाएगी। - सोनू, सब्जी मंडी
- घर के छोटे काम के लिए नकद की जरूरत पड़ती है। पहले तो रुपये निकाले थे वह अब खत्म हो गए। दोबारा से लाइन लगानी पड़ रही है। - उर्मिला, राजनगर
- नोटबंदी से अब पब्लिक परेशान होने लगी है। सरकार या प्रशासन व्यवस्था संभाल नहीं पाएंगे तो हालात और बिगड़ेंगे। - संजय, नेहरू नगर
- महिला हो या बुजुर्ग हर कोई पैसे निकालने के लिए लाइन मेें  लगा है। सरकार ने ये क्या व्यवस्था कर दी है, जिससे हर कोई परेशान है। -हाजी खलील, कैला भट्ठा
- अब लोगों को बैंकों के ऊपर से विश्वास उठने लगा है। पैसों को सुरक्षित करने के लिए इसे बैंकों में जमा किया जाता है। अब बैंक ही रुपये नहीं दे रहे। - वेदराम, पटेल नगर
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