गाजियाबाद। सिहानी गेट क्षेत्र में नंदग्राम कट के पास रविवार रात ड्राइ क्लीनर आशीष व उनके सहकर्मी से लूटपाट करने वाले गिरोह का सिहानी गेट पुलिस ने रविवार को खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह से तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है जबकि एक मुख्य आरोपी मनीष फरार है। पकड़े गए आरोपियों में एक जन सेवा केंद्र संचालक विकास भी है, जिसने लूटी गई बाइक को बेचने में मदद करने के लिए आरसी के अनुसार फर्जी आधार कार्ड तैयार किया था। विकास बीफार्मा की पढ़ाई कर रहा है।
डीसीपी सिटी ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों में पटेल नगर निवासी करन, मसूरी के इंद्रगढ़ी निवासी विशाल, मसूरी के गंगापुरम निवासी विकास है। इनके पास से लूटी गई बाइक, मोबाइल घटना में प्रयुक्त तीन मोबाइल, लैपटॉप, प्रिंटर और फर्जी आधार कार्ड बरामद किया। पूछताछ में करन ने बताया कि उसने अपने साथी मनीष के साथ मिलकर वारदात की थी। रविवार उन्होंने एक युवक से बाइक, 2,200 रुपये और मोबाइल लूटा था। लूटे गए 2,200 रुपये उसने मनीष को दे दिए थे। लूटी गई बाइक को उसने अपने मौसी के लड़के विशाल को दो हजार रुपये में बेच दी। विशाल पर मारपीट व गाली-गलौज करने के दो मुकदमे दर्ज हैं। डीसीपी ने बताया फरार आरोपी की तलाश की जा रही है। साथ ही इनके आपराधिक इतिहास की भी जानकारी की जा रही है। विकास के लैपटॉप के डाटा को खंगाला जाएगा।
बाइक की आरसी को देख विशाल ने बनवाया फर्जी आधार कार्ड
विशाल बाइक को महंगे दामों में बेचने की फिराक में लग गया। आरसी को देख कर विकास ने दोस्त जन सेवा केंद्र संचालक विकास की मदद से फर्जी आधार बनवाया। उसने आरसी के अनुसार नाम लिख दिया और अपना फोटो लगवा लिया, जिससे बाइक बेचने के दौरान किसी को शक न हो।
25 हजार रुपये में कर लिया था सौदा
एसीपी नंदग्राम रवि कुमार सिंह ने बताया विशाल ने फर्जी आधार बनने के बाद बाइक का सौदा किसी व्यक्ति से 25 हजार रुपये में कर लिया था। जिसके उसे 14 हजार रुपये भी मिल गए थे। बाइक खरीदार ने बाकी रकम को एनओसी आने के बाद देने की बात कही। इससे पहले पुलिस ने तीनों को पकड़ लिया।