गाजियाबाद। रॉ एजेंट बनकर सेना, रॉ और रेलवे में नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के तीन शातिरों को नगर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए शातिर दो साल में 20 लोगों से करीब 25 लाख की ठगी कर चुके हैं। फिलहाल पकड़े गए आरोपी युवाओं को अग्निवीर योजना के तहत सेना में भर्ती करवाने का झांसा देकर ठगी कर रहे थे। मामले में नगर कोतवाली में एक केस दर्ज हुआ था। इसकी जांच के दौरान पुलिस ने खुलासा किया है।
डीसीपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि अनिकेत दत्ता, मुकुल वर्मा और अभिषेक शर्मा को गिरफ्तार किया है। मुकुल वर्मा सिहानी गेट और अभिषेक नगर कोतवाली के जटवाड़ा निवासी हैं जबकि अभिषेक दत्ता नई दिल्ली के नांगलोई में रह रहा था। मूलरूप से वह पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर का रहने वाला है। इनके पास से अनिकेत के नाम के बने सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल और एयरफोर्स के स्क्वाड्रन लीडर का फर्जी कार्ड, एक लैपटॉप और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जानकारी करने पर सामने आया है अनिकेत दिल्ली-एनसीआर में अपना पता बदलकर रह रहा था। इसने ठगी की रकम लेने के लिए फर्जी बैंक खाते भी खुलवाए थे।
दुकानों पर काम करने वालों को बनाते थे निशाना
पूछताछ में पता चला अनिकेत और अभिषेक दुकान व स्टोर पर नौकरी करने वाले युवाओं से संपर्क करते थे। सामान खरीदने के बहाने उनसे बातचीत कर खुद को सेना, रॉ या एयरफोर्स का अधिकारी बताते थे। विश्वास में लेकर सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देते थे। इनके जाल में फंसने वालों को ये फर्जी एडमिट कार्ड, ट्रेनिंग कार्ड के साथ नियुक्ति पत्र तक बनाकर देते थे। मुकुल लैपटॉप से फर्जी दस्तावेज बनाता था। यह अनिकेत की सर्विस डिफेंस नाम से फर्जी मेल के जरिये भेजते थे। जिससे लोग विश्वास कर इन्हें नौकरी लगवाने के लिए तय की गई रकम दे दें। बाद में ये झारखंड में सरकारी विभागों में लोगों को खड़ा करके आ जाते थे। जहां नियुक्ति पत्र दिखाने पर लोगों को ठगी का पता चलता था।
मास्टरमाइंड है स्नातक
अनिकेत साइकोलॉजी विषय से स्नातक है। इसके दोनों साथी मुकुल और अभिषेक बीएससी पास हैं। पुलिस का कहना है कि इनके अन्य साथियों के बारे में जानकारी की जा रही है।