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Ghaziabad: रॉ एजेंट बनकर सरकारी नौकरी लगवाने वाले तीन गिरफ्तार, जीजा- साले से ठगे से 3.40 लाख

Sat, 29 Apr 2023 09:41 PM IST
Digvijay Singh संवाद न्यूज एजेंसी, गाजियाबाद

सार

गिरोह का सरगना अनिकेत है। इसने साइकोलॉजी में स्नातक की हुई है। इसके दोनों साथी मुकुल और अभिषेक बीएससी पास है। पुलिस का कहना है कि इनके अन्य साथियों के बारे में जानकारी की जा रही है।
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रॉ एजेंट बनकर सरकारी नौकरी लगवाने वाले तीन गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गाजियाबाद में रॉ एजेंट बनकर सेना, रॉ और रेलवे में नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के तीन शातिरों को नगर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हाल में ये युवाओं को अग्निवीर योजना के तहत सेना में भर्ती करवाने का झांसा देकर ठगी कर रहे थे। मामले में नगर कोतवाली में एक केस दर्ज हुआ था। इसी की जांच कर पुलिस ने इसका खुलासा किया है। ये दो साल में 20 लोगों से करीब 25 लाख की ठगी कर चुके हैं।

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डीसीपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि अनिकेत दत्ता, मुकुल वर्मा और अभिषेक शर्मा को गिरफ्तार किया है। मुकुल वर्मा सिहानी गेट और अभिषेक नगर कोतवाली के जटवाड़ा निवासी हैं जबकि अभिषेक दत्ता नई दिल्ली के नागलोई में रह रहा था। मूलरूप से वह पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर का रहने वाला है। इनके पास से अनिकेत के नाम के बने सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल और एयरफोर्स के स्वकाड लीडर का फर्जी कार्ड समेत एक लैपटॉप, तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जानकारी करने पर सामने आया है अनिकेत दिल्ली-एनसीआर में अपना पता बदलकर रह रहा था। इसने ठगी की रकम लेने के लिए फर्जी बैंक खाते भी खुलवाए थे।


दुकानों पर नौकरी करने वालों को बनाते थे निशाना
पूछताछ में पता चला अनिकेत और अभिषेक युवाओं की तलाश करते थे। ये दुकान व स्टोर पर नौकरी करने वाले युवाओं से संपर्क करते थे। सामान खरीदने के बहाने उनसे बातचीत कर खुद को सेना, रॉ या एयरफोर्स का अधिकारी बताते थे। विश्वास में लेकर सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देते थे। इनके जाल में फंसने वालों को ये फर्जी एडमिट कार्ड, ट्रेनिंग कार्ड के साथ नियुक्ति तक बनाकर देते थे जो इनका साथी मुकुल लैपटॉप के जरिये बनाता था। यह अनिकेत की सर्विस डिफेंस नाम से फर्जी मेल के जरिये भेजते थे। जिससे लोग विश्वास कर इन्हें नौकरी लगवाने के लिए तय की गई रकम देते थे। बाद में ये झारखंड में सरकारी विभागों में लोगों को खड़ा करके आ जाते थे। जहां नियुक्ति पत्र दिखाने पर लोगों को ठगी का पता चलता था।

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मास्टरमाइंड है स्नातक

गिरोह का सरगना अनिकेत है। इसने साइकोलॉजी में स्नातक की हुई है। इसके दोनों साथी मुकुल और अभिषेक बीएससी पास है। पुलिस का कहना है कि इनके अन्य साथियों के बारे में जानकारी की जा रही है।

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