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Ghaziabad News: रामकुमार हत्याकांड में भारी हंगामे के बाद तीन गिरफ्तार

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मोदीनगर। मुकदमे की रंजिश में बृहस्पतिवार शाम करीब सात बजे की गई डेयरी संचालक रामकुमार उर्फ बबलू जाटव की हत्या के मामले में सीकरी खुर्द गांव के छह लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इनमें से पुलिस ने तीन को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से एक पिस्टल और एक तमंचा बरामद किया गया। तीन फरार आरोपियों की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दी गई लेकिन वे हाथ नहीं आए।
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पुलिस ने गिरफ्तारी की कार्रवाई 14 घंटे चले हंगामे के बाद की। कस्बे के व्यस्तम इलाकों में से एक सीकरी फाटक पर हुई वारदात के बाद अनुसूचित जाति के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा था। वे उस निजी अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए, जिसमें रामकुमार को मृत घोषित करने के बाद उनका शव रखने दिया था। रातभर पुलिस के खिलाफ नारे लगाए।



पुलिस अफसरों के समझाने पर भी लोगों ने शुक्रवार की सुबह तक शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं जाने दिया। इसके बाद पुलिस ने ताबड़तोड़ दबिश देकर तीन आरोपियों को हिरासत में लिया। तब जाकर लोगों का गुस्सा कुछ कम हुआ और उन्होंने शव को पोस्टमार्टम के लिए जाने दिया।
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हत्या की धारा 103(1) और अनुसूचित जाति एवं जनजाति ( नृशसता निवारण ) अधिनियम के तहत एफआईआर रामकुमार के बेटे सौरभ ने दर्ज कराई है। इसमें सीकरी खुर्द गांव के वीरसिंह गुर्जर ,राजेन्द्र ,राहुल ,अमित ,अंकित और आशु को नामजद किया गया। पुलिस ने राहुल,अमित व आशु को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार देर शाम कड़ी सुरक्षा के बीच रामकुमार के शव का कलछीना में अंतिम संस्कार किया गया।



रामकुमार को चार, सौरभ को मारी गईं दो गोलियां



रामकुमार के बेटे गौरव ने बताया कि पिता को चार गोलियां मारी गईं। दो कनपटी पर लगीं, एक गर्दन और एक पैर में। दो गोलियां लगने के बाद वह बाइक से गिर गए थे। इसके बाद दो गोलियां और मारी गईं। पिता भाई सौरभ के साथ कृष्णानगर स्थित डेयरी से घर कलछीना गांव आ रहे थे। हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। सौरभ को दो गोलियां लगीं। आपरेशन करके गोलियां निकाली गई हैं। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। गौरव का कहना है कि हत्या मुकदमे की रंजिश में की गई।



एसीपी को हटाए जाने



की मांग पर अड़े रहे लोग



रामकुमार के परिजन और कलछीना गांव के सैंकड़ों लोग निजी नर्सिंग होम के बाहर जमा हो गए। लोगों का कहना था कि हत्या एसीपी की लापरवाही से हुई है। वीर सिंह गुर्जर पक्ष ने चार महीने पहले हत्या की धमकी दी थी। इस पर एसीपी ने कोई कार्रवाई नहीं की। एसीपी को हटाए जाने की मांग को लेकर लोग अस्पताल के बाहर ही धरने पर बैठ गए। रातभर अफसरों ने उन्होंने समझाने के प्रयास किया लेकिन वे लोग नहीं माने। उन्होंने आरोपियों के घर बुलडोजर चलाने की मांग भी की। शक्रवार सुबह करीब 9 बजे डीसीपी ग्रामीण विवेक यादव अस्पताल पहुंचे। उन्होंने आश्वासन दिया कि 24 घंटे के भीतर आरोपी पकड़ लिए जाएंगे। तब जाकर धरना समाप्त हुआ।









हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें लगी हैं। छह में तीन आरोपी पकड़ लिए गए हैं। तीन की तलाश चल रही है - विवेक चंद यादव, डीसीपी ग्रामीण



मैं धरने पर बैठूंगा-चंद्रशेखर



नगीना से लोकसभा सांसद चन्द्रशेखर ने एक्स पर लिखा, योगीजी आपके राज में यूपी जंगलराज का पर्याय बन गया है। जो ज्यादा शक्तिशाली या जिसके हाथ में हथियार है, वह कभी भी उसका इस्तेमाल कर कमजोर की जान ले रहा है। अगर रामकुमार के हत्यारोपी जल्द गिरफ्तार नहीं हुए तो मैं धरने पर बैठूंगा।
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