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पांच हजार से ज्यादा रुपये लाने वालों को देनी पड़ी सफाई

Thu, 22 Dec 2016 12:55 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
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बैंक - फोटो : अमर उजाला
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आरबीआई के निर्देश के बाद पांच हजार से ज्यादा रुपये जमा कराने आ रहे ग्राहकों से बैंक कर्मचारियों ने अंडरटेकिंग ली। हालांकि किसी भी ग्राहक को वापस नहीं लौटाया गया, लेकिन ज्यादातर ग्राहकों के केवाईसी नॉर्म्स नहीं होने पर परेशानी भी हुई।
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उधर, बुधवार दोपहर तक आरबीआई ने इस नियम को ही हटा दिया, जिस पर लोगों ने राहत की सांस ली। केंद्र सरकार द्वारा नोटबंदी के बाद से अब तक आरबीआई ने पुराने नोट जमा करने और कैश निकालने के लिए बार-बार नए नियम लागू किए हैं।

बीते मंगलवार को आरबीआई ने पुराने नोट जमा कराने के लिए नया नियम लागू किया, जिसके तहत पांच हजार से ज्यादा पुरानी करेंसी जमा करने पर ग्राहक को लिखित में कारण बताना होगा।
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इस नियम के बाद बैंकों में पुराने नोट जमा करने पहुंचे ग्राहकों और बैंक कर्मचारियों के बीच नोकझोंक हुई। बैंक अधिकारियों ने कई सवाल भी पूछे, अंडरटेकिंग दी, तब कहीं पुराने नोट जमा हो सके।

लोगों ने कहा कि शुरुआत में आरबीआई ने नोट जमा करने की डेट 30 दिसंबर निर्धारित की थी, अगर बीच में नियम बदलने थे तो यह पहले बताना चाहिए था। इस तरह तो प्रधानमंत्री खुद अपनी बात से पीछे हट रहे हैं।

इंडियन ओवरसीज बैंक के एजीएम अनिल कुमार दत्ता ने बताया कि इस मामले में ग्राहकों से अंडरटेकिंग ली गई। ज्यादातर ग्राहकों ने बताया कि शुरुआत में भीड़ काफी ज्यादा थी। इसलिए वह अब अपने पुराने नोट जमा कराने आए हैं।

कुछ ने लिखकर कारण बताया कि वह बीमार थे, शहर से बाहर गए हुए थे। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के चीफ मैनेजर जीएस जयंत ने बताया कि किसी भी ग्राहक को लौटाया नहीं गया है। वह जो कारण लिखकर दे रहे हैं, उसे लेकर कैश जमा किया जा रहा है।

- कैश लेट पहुंचने पर सिहानी गांव में सेंट्रल बैंक में हुआ हंगामा
सिहानी गांव स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में कैश लेट पहुंचने पर लोगों ने हंगामा किया। लोगों का आरोप था कि बैंक के बाहर लाइनें बैंक  खुलने से पहले लग जाती है, लेकिन कैश नहीं मिलता। बैंक में कैश करीब दो घंटे लेट पहुंचा।

इस बीच वहां पर पुलिस कर्मी भी नहीं थे। ग्राहकों ने हंगामा कर दिया। उधर, नवयुग मार्केट स्थित पीएनबी में कैश लंच से पहले ही खत्म हो गया पर लोगों को इसकी जानकारी नहीं दी गई। वह लाइन में खड़े रहे। लंच बाद कर्मचारियों ने बताया कि कैश खत्म हो गया है। इस पर लोगों ने नाराजगी जताई और एजीएम से शिकायत की।

- बंद पड़े कई एटीएम हुए शुरू, लोगों को हुई राहत
आउट ऑफ कैश चल रहे कुछ एटीएम में बुधवार को कैश निकला। आरडीसी स्थित यस बैंक, करुर वैश्य बैंक के एटीएम पर लोगों ने लाइन लगाकर कैश लिया। नवयुग मार्केट में एसबीआई, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक के एटीएम से भी कैश मिला।

- आयकर विभाग बैंकों के खाते पर रख रहा पैनी नजर
नोटबंदी के बाद से आयकर विभाग बैंक खातों पर पैनी नजर रख रहा है। सूत्रों के मुताबिक आयकर विभाग ने न केवल जनधन बल्कि सामान्य सेविंग खाताधारकों को भी निशाने पर लिया है। इन खातों की डिटेल विभाग ने बैंकों के रीजनल ऑफिस से लेनी शुरू कर दी है।

कुछ जनधन खाताधारकों को नोटिस भी भेजा गया है। साथ ही जिनके खातों में 8 नवंबर के बाद ढाई लाख जमा हुए हैं, उन सभी खातों की लिस्ट तैयार की जा रही है। विभाग 30 दिसंबर के बाद कार्रवाई करना शुरू करेगा। तब खाता सीज करने के साथ खाता धारक के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज कराई जाएगी।

बैंकों से छंटने लगी भीड़, लोगों ने की राहत महसूस

 नगर के अधिकांश बैंकों पर भीड़ छंटने लगी है। इसके चलते लोगों ने राहत महसूस की है। पिछले एक-दो दिन से नगर के अधिकांश राष्ट्रीयकृत बैंकों में पहले जैसी मारामारी नहीं दिखाई दे रही है। कपड़ा मिल स्थित स्टेट बैंक और बस स्टैंड स्थित पीएनबी पर लोगों की लंबी लाइनें लगती थीं, जो पिछले एक-दो दिन से नदारद हैं।

इन बैंकों में लोगों को सेविंग एकाउंट से 24 हजार और करंट एकाउंट से 50 हजार का भुगतान हो रहा है। उधर, ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी भुगतान की स्थिति में कुछ खास सुधार नहीं आया है।

कस्बा फरीदनगर निवासी अनवार सैफी ने बताया कि सिंडीकेट बैंक से लोगों को केवल दो हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं। कलछीना स्थित बैंक से भी लोगों को 24 हजार का भुगतान नहीं मिल रहा है वहीं एटीएम की व्यवस्था में भी सुधार नहीं है। नगर के अधिकांश एटीएम में पैसा नहीं होने पर लोगों की लंबी लाइन लग रही हैं। 
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