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Ghaziabad News: टैक्स चोरी का माल भेजने के लिए पान मसाला फैक्टरी में बना रखा था चोर रास्ता

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गाजियाबाद। टैक्स चोरी का माल बाहर भेजने और कच्चा माल लाने के लिए पान मसाला फैक्टरी में संचालकों ने चोर रास्ता बना रखा था। सीजीएसटी की सर्च में सामने आया है कि बगल वाली फैक्टरी में ट्रकों को खड़ा करके चोर रास्ते से ले जाकर उसमें माल लोड किया जाता था। इसी तरह कच्चा माल फैक्टरी में लाया जाता था। कंपनी के सभी ठिकानों पर अब सर्च पूरी हो गई है। अब तक करीब 30 करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी जा चुकी है। सीजीएसटी के अधिकारी अब इन ठिकानों से जब्त किए गए दस्तावेजों, लैपटॉप, कंप्यूटर और मोबाइल का डाटा खंगाल कर टैक्स चोरी का आकलन करेंगे।
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सीजीएसटी के गाजियाबाद आयुक्त संजय लवानिया के निर्देशन में तीन दिन चली इस सर्च में टैक्स चोरी के पुख्ता सुबूत मिले हैं। बुलंदशहर रोड और साहिबाबाद साइट-चार औद्योगिक क्षेत्र में फैक्टरी में अंदर ऐसे दरवाजे बनाए गए थे, जो बाहर से दिखाई नहीं देते थे। इनकी जानकारी सिर्फ कर्मचारियों को होती थी। टैक्स चोरी करके बाहर भेजे जाने वाले माल की रेकी कोई अधिकारी न कर सके, इसके लिए ट्रक को पान मसाला की फैक्टरी में नहीं लाया जाता था बल्कि बगल की फैक्टरी से लाया जाता था। इस फैक्टरी पर किसी अन्य कंपनी का बोर्ड लगा था, ताकि देखने वाले को लगे कि ट्रक किसी अन्य कंपनी का माल लेकर बाहर जा रहा है। अंदर चोर रास्ते से ट्रक में माल लादकर भेज दिया जाता था।

एक ईवे बिल पर ट्रक लगाते हैं कई चक्कर
पान मसाला कंपनी में हुई सर्च में ऐसी जानकारियां मिली हैं कि एक ई-वे बिल पर ट्रक एक नहीं बल्कि दो-दो चक्कर लगाते थे। ई-वे बिल में हेराफेरी का यह मामला पहला नहीं है। कई अन्य फर्माें पर हुई कार्रवाई में भी यह सामने आ चुका है। नियमों के अनुसार 200 किलोमीटर से ज्यादा दूरी पर माल ले जाने के लिए जनरेट किया गया ई-वे बिल 48 घंटे तक वैद्य रहता है। कंपनी ई-वे बिल तो 200 किलोमीटर से ज्यादा दूरी का जनरेट कर लेते हैं, लेकिन आसपास की फर्माेे पर माल सप्लाई कर देती हैं। मिसाल के तौर पर गाजियाबाद से बरेली माल भेजने के लिए ई-वे बिल जनरेट किया गया, लेकिन चोरी छिपे इसे हापुड़ या आसपास के अन्य शहरों में डिलीवर कर दिया जाता है। एक चक्कर के बाद जितने चक्कर ट्रक लगाता है, वह माल टैक्स चोरी करके भेजा जा रहा है। सीजीएसटी के अपर आयुक्त डीडी मंगल का कहना है कि इस कंपनी में भी ई-वे बिलों की जांच की जाएगी। यह जानकारी जुटाई जाएगी कि कहीं ई-वे बिलों का दुरुपयोग तो नहीं किया गया।
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डायरेक्टरों के फोन स्विच ऑफ, सम्मन जारी किए
केंद्रीय जीएसटी की कार्रवाई शुरू होते ही पान मसाला कंपनी के डायरेक्टरों के फोन स्विच ऑफ हो गए थे। कंपनी के कर्मचारियों ने उन्हें कॉल करने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं हुई। इसके बाद अब सीजीएसटी ने उन्हें सम्मन जारी कर बुलाया है। उनके बयान भी दर्ज किए जाएंगे।
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