कौशांबी। बस में आग लगी थी। लपटें पीछे से आगे की ओर जा रही थीं। लेकिन, न तो बस में सवार 16 बच्चों को इसका पता था और न ही बस के ड्राइवर को। अगर बाइक सवार युवक बस को न रुकवाता तो बच्चों को बचाना बहुत मुश्किल हो जाता।
मौके पर पहुंचे लोगों ने बताया कि बस में लगी आग दूर से साफ नजर आ रही थी। लोग ड्राइवर से बस रोकने के लिए कह रहे थे लेकिन, वह शायद सुन नहीं पा रहा था। इसी बीच एक बाइक सवार युवक आया। वह बाइक को ओवरटेक कर बस के आगे ले गया। उसने ही ड्राइवर से कहकर बस को रुकवाया। उसके कहने पर नगर निगम के सफाईकर्मी और अन्य लोग मदद के लिए जुटे।
युवक खुद भी बच्चों को निकालने में शामिल रहा
राहगीरों की सूचना पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने बताया कि बस में आग भीषण रूप ले चुकी थी। इसे दो फायर टेंडर से बुझाने में आधा घंटा लगा। इससे पहले ही राहगीरों ने बच्चों को बाहर निकाल लिया था। बच्चे बुरी तरह से डरे हुए थे। उन्होंने राहगीरों के मोबाइल फोन से परिजनों से संपर्क किया। परिजनों की सूचना पर स्कूल ने दूसरी बस भेज दी। बच्चे उस बस में सवार होकर चले गए।
बस के रुकते ही मच गई चीख-पुकार
बच्चों ने पुलिस को बताया कि वे दिल्ली के प्रीत विहार स्थित मदर्स ग्लोबल स्कूल में पढ़ते हैं। निजी बस से स्कूल जाते हैं। रोज ही तरह ही बृहस्पतिवार को भी जा रहे थे। उन्हें आग का पता तब चला जब बस रुक गई। बाहर कोहरा था। वे समझ रहे थे कि बस में जो धुआं आ रहा है, वह कोहरा ही है। जैसे ही आग का पता चला, बस के अंदर चीख पुकार मच गई। राहगीरों ने समझाया कि डरो नहीं, एक एक कर बाहर आओ। बाहर निकलने पर जान में जान आई।