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भाइयों को खोने का दर्द है तो राम काज के लिए बलिदान होने पर गर्व भी : पूर्णिमा कोठारी

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गाजियाबाद। 33 साल पहले राम मंदिर आंदोलन में जान गंवाने वाले कोठारी बंधु राम और शरद की श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भाजपा महानगर कार्यालय पर पहुंचीं पूर्णिमा कोठारी ने कहा भाइयों को खोने का दर्द है तो रामकाज के लिए बलिदान होने पर गर्व भी है। भाइयों का संकल्प आज पूरा हो रहा है। दो भाई खोए तो लाखों पाए हैं। भगवान राम का भव्य मंदिर आज अयोध्या में बनकर तैयार है। 22 तारीख को अयोध्या में होने वाले प्राण-प्रतिष्ठा में उन्हें भी निमंत्रित किया गया है। वह 16 जनवरी को ही वहां पहुंच जाएंगी।
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एक विशेष बातचीत में पूर्णिमा ने कहा आज भी वो दिन याद है जब उनके दोनों भाई राम और शरद माता पिता से अनुमति लेकर अयोध्या के लिए रवाना हुए थे। दोनों भाइयों में भगवान राम के प्रति अटूट आस्था थी, इस बात का इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब संगठन ने कहा कि केवल एक ही व्यक्ति अयोध्या जाएगा तो राम ने शरद से कहा कि तुम छोटे हो तुम मत जाओ मैं जाऊंगा। शरद ने कहा कि जहां राम जाएंगे वहीं लक्ष्मण भी जाएंगे। अंत में दोनों भाई जाने के लिए तैयार हो गए।
22 अक्टूबर 1990 को भैया दूज के दूसरे दिन दोनों भाई अयोध्या के लिए रवाना हुए। मैंने दोनों भाइयों को मंगल तिलक किया था। दोनों भाई कोलकाता से ट्रेन से बनारस पहुंचे। यहां से पैदल ही अयोध्या के लिए अन्य कार सेवकों के साथ वे दोनों निकले। 30 अक्टूबर को दोनों भाई अयोध्या पहुंच गए। राम जन्मभूमि के पास लाखों की संख्या में राम भक्त एकत्र हो गए थे। इसी दौरान विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक सिंघल पुलिस की लाठियों से लहूलुहान दिखे। पुलिस ने चारों ओर बैरिकेडिंग कर रखी थी। अशोक सिंघल को देखकर कार सेवकों का गुस्सा भड़क गया। छोटा भाई शरद बैरिकेडिंग तोड़कर अंदर घुस गया और गुंबद पर चढ़कर भगवा लहरा कर संकल्प को पूरा कर दिया।
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इस दौरान पुलिस बल ने सभी को वहां से तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज कर दिया। दो नवंबर 1990 को दोनों भाइयों को कमरे के अंदर से निकाल कर गोली मार दी। बड़े भाई राम के सीने में दो गोली और शरद के माथे पर एक गोली मार कर जान ले ली। यह खबर जब घर पर पहुंची तो मां बेहोश हो गईं। पिताजी ने कहा कि राम के काज में बेटों की जान गई है यह निरर्थक नहीं जाएगी।


पिता ने कहा मेरे और बेटे होते तो मैं उन्हें भी भेज देता

पूर्णिमा कोठारी ने कहा कि बेटों के बलिदान पर पिता ने कहा कि मेरे और बेटे होते तो उन्हें भी रामकाज के लिए अयोध्या भेज देता। कांग्रेस द्वारा निमंत्रण अस्वीकार करने पर पूर्णिमा ने कहा कि मेरा व्यक्तिगत मत है कि ऐसे लोगों को निमंत्रण नही दिया जाना चाहिए जो भगवान के प्रति आस्था और राम काज को राजनीति बताते हैं। सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि जो राम भक्तो पर गोली चलवा सकते हैं उन्हें राम मंदिर कैसे अच्छा लगेगा।
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