इंदिरापुरम। कनावनी से 20 जुलाई की रात रिंकू मेहता की छह माह की बेटी परी का अपहरण पड़ोस के उस्मान के घर आई उसकी बुआ इदन खातून उर्फ रूबीना उर्फ नूरजहां ने किया था। पुलिस ने रविवार की रात साढ़े बारह बजे इतन को वसुंधरा से गिरफ्तार कर परी को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस का कहना है कि इदन दुष्कर्म के मामले में अपने बेटे वसीम को जेल से छुड़ाने के लिए टोने-टोटके के चक्कर में पड़ी हुई है। इसी चक्कर में आकर उसने बच्ची को अगवा किया।
एसीपी इंदिरापुरम स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि देवरिया के मलई थाना क्षेत्र के मगाही गांव की निवासी इदन ने पूछताछ में बताया कि उससे किसी महिला ने कहा था कि अगर कोई मौलवी उसके बेटे के लिए दुआ कर दे तो वह जेल से छूट सकता है। दुआ कराने से पहले किसी बच्ची से मौलवी का सजदा (सिर झुकाना) कराना होगा।
इदन का कहना था कि वह काफी दिनों से बच्ची की तलाश में थी। उसे जैसे ही रिंकू की बेटी दिखाई दी, उसने सोच लिया कि इसका अपहरण करना है। मूलरूप से लखीसराय बिहार के रहने वाले रिंकू कनावनी में पत्नी और तीन बच्चों के साथ रहते हैं। 20 जुलाई की सुबह वह पत्नी सहित काम पर चले गए थे। परी बाहर खेल रही थी। वह उसे वहीं से उठा ले गई। इदन ने बताया कि उसका 2023 में बेटा वसीम दुष्कर्म के मामले में इंदिरापुरम कोतवाली से ही गिरफ्तार होकर जेल गया था। उस मामले में वह उसका पति और परिवार के अन्य सदस्य वांछित चल रहे हैं।
पड़ोस की महिला ने देख लिया था
पुलिस का कहना है कि इस मामले का खुलासा पड़ोस की एक महिला से मिले सुराग से हुआ। महिला ने बताया कि उसने इदन को बच्ची को ले जाते हुए देखा है। इस पर इदन के भतीजे के घर पुलिस भेजी गई। भतीजे ने बताया कि बुआ घर पर नहीं है। इदन का मोबाइल फोन स्विच ऑफ आ रहा था। इससे उस पर शक पुख्ता हो गया। तभी से उसकी तलाश की जा रही थी। उसने बताया कि वह वह देवरिया ले जाने की फिराक में थी लेकिन पुलिस की लगातार कार्रवाई और दबिश के डर से आसपास इलाके में घूम रही थी।