वैशाली। सेक्टर पांच में बनी पानी की टंकी टूटने से शुक्रवार रात बड़ा हादसा होते-होते टल गया। करीब 20 वर्ष पुरानी दो हजार किलोलीटर (केएल) क्षमता वाली पानी की टंकी का ऊपरी हिस्सा अचानक टूटकर टैंक के अंदर पानी में ही गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के समय मलबा टंकी के अंदर गिरा। बाहर गिरता और उस समय उसके आसपास कोई मौजूद होता तो जनहानि भी हो सकती थी। टंकी का टॉप टूटने की वजह से पूरे इलाके की जलापूर्ति बाधित हो गई। लगभग 20 हजार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि जब से टंकी बनी है। टंकी की कोई मरम्मत नहीं हुई है। समय-समय पर अगर मरम्मत होती रहती तो यह समस्या नहीं होती। अधिकारियों से बीच-बीच में शिकायत भी की थी लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसकी वजह से शुक्रवार रात अचानक तेज आवाज के साथ टंकी का टॉप टूटकर नीचे गिर गया। वहीं, अवर अभियंता सोमेंद्र तोमर ने बताया कि जैसे ही टंकी का टॉप टूटने की सूचना मिली थी। सुरक्षा के मद्देनजर तुरंत पानी की आपूर्ति बंद कर दी गई। इससे लोगों को सेक्टर चार में बनी पानी की टंकी और पानी के टैंकर के माध्यम से इलाके में जलापूर्ति कराई जा रही है। इससे लोगों को पीने के पानी से लेकर दैनिक जरूरतों के लिए पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ा। कई परिवारों को टैंकर के पानी पर निर्भर रहना पड़ा, जिससे अतिरिक्त खर्च भी बढ़ गया।
वहीं, वैशाली सेक्टर पांच में दो दिनों से लोग पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। घरों में नल पूरी तरह सूखे रहे। इससे पीने के पानी से लेकर दैनिक जरूरतों तक के लिए संकट पैदा हो गया। स्थानीय निवासी वीर चंद्र पांडेय व अरुण वेदी का कहना है कि जल आपूर्ति बाधित होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई। सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और नौकरीपेशा लोगों को पानी के अभाव में खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ा। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि यह समस्या नई नहीं है, अब टंकी टूटने का बहाना हो गया। पहले भी कई बार जलापूर्ति बाधित हो चुकी है। स्थानीय लोगों ने नगर निगम से जल्द जल आपूर्ति बहाल करने और भविष्य में इस तरह की समस्या न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
जलकल जीएम केपी आनंद ने बताया कि टंकी की जांच कराई जा रही है और अस्थायी रूप से टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। लोगों को पर्याप्त पानी मिल सके इसके लिए भी टीम काम कर रही है।