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Ghaziabad News: एंबुलेंस की चपेट में आए तीसरे शिवभक्त ने भी तोड़ा दम, चौथा गंभीर

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मोदीनगर।
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दिल्ली-मेरठ मार्ग पर कादराबाद स्थित जैन शिकंजी के सामने शनिवार रात एंबुलेंस की चपेट में आए तीसरे कांवड़िये सचिन उर्फ जोनी की भी मौत हो गई। दो शिवभक्तों की मौके पर ही मौत हो गई थी। चौथे शिवभक्त अजय की हालत अभी गंभीर बनी हुई है। हादसे के समय किसी भी शिवभक्त की पहचान नहीं हुई थी। परिजनों के पहुंचने के बाद रविवार सुबह चारों शिवभक्तों की पहचान हुई। पुलिस ने आरोपी चालक को हिरासत में लेकर एंबुलेंस को कब्जे में ले लिया है।
गाजियाबाद स्थित भोजपुरा के रहने वाले सचिन उर्फ जोनी(38) अपने दोस्त अजय(30) निवासी हर्ष विहार मंडौली पूर्वी दिल्ली के साथ शनिवार रात करीब 10 बजे स्कूटी से कांवड़ लेने हरिद्वार के लिए चले थे। गाजियाबाद के सिहानी गेट स्थित कृष्णानगर कॉलोनी के रहने वाले रितिक (23) भी अपने दोस्त अभिनव समानिया (25) निवासी शताब्दीपुरम कविनगर के साथ बाइक द्वारा हरिद्वार के लिए निकले। जैसे ही चारों शिवभक्त रात करीब 11:45 बजे दिल्ली-मेरठ मार्ग पर कादराबाद स्थित जैन शिकंजी के सामने पहुंचे मेरठ की तरफ से आ रही जीवन अस्पताल की अनियंत्रित एंबुलेंस ने स्कूटी व बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। स्कूटी और बाइक एंबुलेंस के नीचे फंस गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बेकाबू एंबुलेंस स्कूटी और बाइक को घसीटते हुए काफी दूर तक ले गई। हादसे में स्कूटी व बाइक चकनाचूर हो गई और चारों शिवभक्त गंभीर रूप से घायल हो गए।
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घायलों को उपचार के लिए मेरठ के एक निजी मेडिकल भेजा गया। वहां चिकित्सकों ने बाइक सवार रितिक और अभिनव को मृत घोषित कर दिया। बाइक रितिक की थी। कुछ देर बाद सचिन उर्फ जोनी की भी मौत हो गई। सचिन अविवाहित थे और मिनी ट्रक चलाते थे। उधर सचिन के साथी अजय का निजी मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है। उनकी स्थिति भी नाजुक बताई जा रही है।
एंबुलेंस का नर्सिंग सहायक भी हुआ घायल
पुलिस के अनुसार एंबुलेंस जीवन अस्पताल की थी। एंबुलेंस मेरठ से मरीज को छोड़कर वापस लौट रही थी। एंबुलेंस में चालक मोनू निवासी हनुमानपुरी मोदीनगर और नर्सिंग सहायक हारून निवासी कलछीना भोजपुर थे। हादसे में नर्सिंग सहायक हारून भी घायल हो गया। एसीपी मोदीनगर ज्ञानप्रकाश राय ने बताया कि एंबुलेंस को कब्जे में लेकर चालक मोनू को हिरासत में ले लिया गया है। शवों का पोस्टमार्टम मेरठ मेडिकल कॉलेज में हुआ है। अभी किसी पक्ष ने घटना की तहरीर नहीं दी है।
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सीमा विवाद में उलझी मेरठ पुलिस
मोदीनगर पुलिस ने मामला शिवभक्तों से जुड़ा होने के कारण तत्काल सभी घायलों को मेरठ स्थित निजी मेडिकल कॉलेज भेज दिया। वहां अजय को छोड़कर अन्य तीनों शिवभक्तों की मौत हो गई। मोदीनगर पुलिस ने शवों के पंचनामे की कार्रवाई की। मोदीनगर पुलिस द्वारा पंचनामे की कार्रवाई करने पर मेरठ पुलिस पोस्टमार्टम की कार्रवाई में आनाकानी करने लगी। इससे हादसे के शिकार शिवभक्तों के परिजनों को भारी परेशानी हुई। प्रकरण की जानकारी लगने पर मोदीनगर पुलिस ने एसपी सिटी मेरठ को मामले से अवगत कराया तब पोेस्टमॉर्टम की कार्रवाई आगे बढ़ी।
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