गाजियाबाद। लखनऊ में हुई दुखद घटना के बाद प्रशासन एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। आवासीय क्षेत्रों में नियमों को ताक पर रखकर संचालित हो रहे कई कोचिंग सेंटरों पर मंगलवार को कार्रवाई की गई। अधिकारियों की टीमें पूरे दिन विभिन्न क्षेत्रों में जांच करती रहीं। हालांकि, इस कार्रवाई के बीच सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि क्या प्रशासन को हर बार किसी बड़े हादसे का इंतजार रहता है?
शहर और कस्बों में लंबे समय से आवासीय मकानों में कोचिंग सेंटर, हॉस्टल, लाइब्रेरी और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसी है, जहां अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाणपत्र तक नहीं है और आपातकालीन निकासी की पर्याप्त व्यवस्था भी मौजूद नहीं है। स्थानीय लोगों की शिकायतों और समय-समय पर हुए निरीक्षणों के बावजूद कार्रवाई अक्सर नोटिस जारी करने तक सीमित रह जाती है।
सिस्टम की नाकामी से बढ़ता है खतरा
पूर्व पार्षद राजेंद्र त्यागी का कहना है कि अधिकांश अग्निकांड प्राकृतिक कारणों से नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही का परिणाम होते हैं। संकरी गलियां, एक ही प्रवेश और निकास द्वार, अग्निशमन उपकरणों का अभाव और क्षमता से अधिक छात्रों की मौजूदगी जैसी स्थितियां बड़े हादसों को न्योता देती हैं। इसके साथ ही ट्रांसफार्मर पर क्षमता से अधिक लोड भी जोखिम बढ़ाने का कारण बनता है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग नियमित निगरानी और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित नहीं कर पाते।
दुर्घटना के बाद खुलती हैं आंखें
जीडीए सदस्य पवन गोयल का कहना है कि जब तक कोई बड़ी दुर्घटना नहीं होती, नियमों के उल्लंघन पर आंखें मूंद ली जाती हैं। हादसे के बाद अभियान चलाए जाते हैं, सीलिंग होती है और जिम्मेदारी तय करने की बातें भी होती हैं, लेकिन कुछ सप्ताह बाद कार्रवाई की रफ्तार धीमी पड़ जाती है और हालात फिर पहले जैसे हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि केवल सीलिंग अभियान चलाने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। नियमित निरीक्षण, दोषी संचालकों पर कठोर कार्रवाई और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय किए बिना ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना मुश्किल होगा।
अवैध निर्माण पर रोक लगाने की मांग
लखनऊ की घटना पर दुख व्यक्त करते हुए विधायक संजीव शर्मा ने गाजियाबाद में संकरी गलियों में संचालित होटल, रेस्टोरेंट और कोचिंग सेंटरों की जांच कराने तथा नियमों के विपरीत चल रहे प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि शहर के कई क्षेत्रों में अवैध रूप से ऐसी गतिविधियां संचालित हो रही हैं, जिन पर तत्काल रोक लगाना आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।