इंदिरापुरम। सॉफ्टवेयर इंजीनियर रजत प्रताप सिंह के मोबाइल से फोरेंसिक जांच टीम को एक मैसेज मिला है। यह मैसेज रजत ने अपने पिता को भेजा था। इसमें उन्होंने अपनी मर्जी से आत्महत्या का कदम उठाने की बात कही है। रजत के पिता संजीव प्रताप सिंह ने एक युवती पर रजत को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। अब तक पुलिस की जांच में रजत पर लोन होने की बात भी सामने आई है।
सॉफ्टवेयर इंजीनियर रजत का शव शक्तिखंड स्थित होटल के कमरे में चादर के फंदे से लटका मिला था। इस होटल में रजत दो नवंबर से रुके थे। दर्ज मुकदमे में संजीव प्रताप सिंह ने बताया कि वह पांच नवंबर की रात में लगभग 9:30 बजे बेटे की तलाश करते हुए होटल पहुंचे थे। उन्होंने एक युवक और युवती पर बेटे को प्रताड़ित करके आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया। यहां तक कि होटल कर्मचारियों पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया है। फोरेंसिक जांच के लिए भेज गए रजत के मोबाइल से पुलिस को कई जरूरी साक्ष्य मिले हैं। मोबाइल से रकम भेजे जाने के सबूत मिले हैं। यहां तक कि रजत के मोबाइल से उनके पिता को भी रुपये भेजे गए थे, जिसका स्क्रीनशॉट भी मोबाइल में मिला है।
पुलिस जांच में रजत पर अलग-अलग तरह के लोन चलने की बात भी सामने आई है। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि बैंक से रजत के खाते की जानकारी मांगी गई है। मोबाइल से मिले मैसेज में उन्होंने माता-पिता से माफी मांगने की बात कही है। साथ ही खुद को जिम्मेदार बताया है। परिजनों की तहरीर पर दर्ज किए गए मुकदमे की जांच की जा रही है। जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।